नई दिल्ली(हि.स.)। सुप्रीम कोर्ट ने महंत नरेंद्र गिरी की कथित खुदकुशी से जुड़े मामले में आनंद गिरी की जमानत याचिका खारिज कर दी है। जस्टिस एएस बोपन्ना की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि हाई कोर्ट के आदेश में दखल का कोई कारण नजर नहीं आता है।
कोर्ट ने 9 दिसंबर, 2022 को उत्तर प्रदेश सरकार और सीबीआई को नोटिस जारी किया था। 20 सितंबर, 2021 को श्री मठ बाघंबरी गद्दी, प्रयागराज के प्रमुख महंत नरेंद्र गिरि मठ के अंदर मृत पाए गए थे। एक कथित सुसाइड नोट बरामद किया गया था, जिसमें महंत नरेंद्र गिरी ने आनंद गिरि के साथ अधय प्रसाद तिवारी और संदीप तिवारी को उनकी मृत्यु का जिम्मेदार ठहराया था। इस मामले में दर्ज एफआईआर के मुताबिक महंत नरेंद्र गिरि पिछले कुछ महीनों से आनंद गिरि की हरकतों से परेशान थे।
आरोप था कि नरेंद्र गिरी खुद कहा करते थे कि आनंद गिरि उन्हें बहुत परेशान कर रहे हैं। इसके बाद आनंद गिरी ने सहारनपुर में आत्मसमर्पण कर दिया और उनके बयान दर्ज किए गए, जिसके बाद अन्य दो आरोपितों को भी गिरफ्तार कर लिया गया। बाद में इस मामले की जांच सीबीआई को ट्रांसफर कर दी गई। सीबीआई ने मामला दर्ज किया और जांच के दौरान 120 लोगों के बयान दर्ज किए गए। आनंद गिरी की जमानत याचिका ट्रायल कोर्ट और हाई कोर्ट खारिज कर चुका है, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट में जमानत के लिए अर्जी लगाई गई थी।
संजय
