Wednesday, April 8, 2026
Homeराष्ट्रीय महंगाई रोकने के लिए सभी जरूरी कदम उठा रही है केन्द्र सरकार:...

 महंगाई रोकने के लिए सभी जरूरी कदम उठा रही है केन्द्र सरकार: निर्मला सीतारमण

जयपुर (हि.स.)। केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि केन्द्र सरकार महंगाई राेकने के लिए पूरी तरह से प्रयासरत है और बजट 2023 में इस ओर आवश्यक कदम उठाए गए हैं। भारतीय रिजर्व बैंक भी अर्थव्यवस्था पर नजर रख रहा है और जरूरत पड़ने पर फैसला ले रहा है। उन्होंने राजस्थान समेत कई कांग्रेस शासित प्रदेशों द्वारा घोषित पुरानी पेंशन स्कीम को अर्थव्यवस्था के लिए खतरनाक बताते हुए न्यू पेंशन स्कीम के तहत केन्द्र के पास जमा पैसा राज्यों को पुन: लौटाने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि ये कानून के खिलाफ होगा। सीतारमण केंद्रीय बजट 2023 पर विभिन्न हित कारकों के साथ चर्चा के बाद सोमवार को जयपुर में पत्रकार वार्ता को संबोधित कर रही थी।

पेट्रोल डीजल को जीएसटी के दायरे में लाए जाने के संबंध में पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि यह केन्द्र सरकार फैसला नहीं कर सकती है। यह निर्णय जीएसटी काउंसिल पर निर्भर करता है और जीएसटी काउंसिल में सभी प्रदेशों के वित्त मंत्री शामिल हैं। सभी राज्यों के वित्त मंत्री यह तय करें तो यह हो सकता है। कांग्रेस के आरोपों पर उन्होंने कहा कि एक भी कांग्रेस का वित्त मंत्री यह बताएं कि उन्होंने रेट कम करने के लिए क्या किया। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार में डूबी कांग्रेस के मुंह से पक्षपात के आरोप अच्छे नहीं लगते हैं। कांग्रेस पार्टी को भ्रष्टाचार के बारे में कुछ भी कहने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने संसद में कांग्रेस के हर सवाल का जवाब दिया, लेकिन वह सुनना ही नहीं चाहते। संसद से चले जाते हैं।

संसद में बहस पर जवाब के दौरान प्रधानमंत्री द्वारा अडाणी का नाम नहीं लिये जाने के आरोपों पर सीतारमण ने स्पष्ट किया कि चूंकि यह मामला कोर्ट देख रहा है, इसलिए इस बारे में कुछ भी कहा नहीं जा सकता है।

ओल्ड पेंशन स्कीम को कुछ कांग्रेस शासित राज्यों की घोषणा पर वित्त मंत्री ने कहा कि यह ट्रेंड अच्छा नहीं है। केवल स्टेट अपनी लायबिलिटी कम कर रहे हैं। बिना बजटीय प्रावधान के ओपीएस की घोषणा कर कुछ कांग्रेस शासित प्रदेश अपना पैसा मांग रहे हैं जबकि यह कानून का उल्लंघन है। क्योंकि यह पैसा कर्मचारी का है, इसे नियोक्ता वापस नहीं ले सकता है। अतः राज्य को यह पैसा नहीं मिलेगा। केवल रिटायरमेंट या जरूरत पर कर्मचारी ही इस पैसे का असली हकदार है।

राज्य सरकार की कथित जनकल्याणकारी योजनाएं, जिन्हें केंद्र रेवडियों की संज्ञा देता है और केंद्र की मुफ्त अनाज वितरण योजनाओं में अंतर स्पष्ट करते हुए वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा कि यदि सरकार की वित्तीय स्थिति ठीक है और बजट प्रावधानों के तहत फंड का संचालन किया जाए ताकि पैसा आपके पास रहे किसी से उधार मांगना ना पड़े, उन योजनाओं में केंद्र सरकार को कोई दिक्कत नहीं है

बाड़मेर रिफाइनरी और पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना को लेकर राजनीतिक भेदभाव से इनकार करते हुए सीतारमण ने कहा कि जब गुजरात को नर्मदा का पानी चाहिए था तब यूपीए सरकार ने इस योजना को रोके रखा। राजनीतिक कारणों से अब ईआरसीपी को लेकर यदि कांग्रेस राजनीतिक दुर्भावना की बात करती है तो यह गलत है, क्योंकि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दौसा में ईआरसीपी योजना का जिक्र करते हुए कहा था कि केंद्र सरकार इस योजना के लिए प्रतिबद्ध है।

केंद्रीय वित्त मंत्री ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर तंज कसा। गहलोत पर तंज कसते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि यहां तो बहुत गड़बड़ है, पिछले साल का बजट इस साल पढ़ रहे हैं। मैं उनके लिए प्रार्थना करती हूं। हालांकि, सीतारमण ने आगे कहा कि गलती किसी से भी हो सकती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने पिछला बजट पढ़कर उसे डिब्बे में डाल दिया और जब दोबारा बजट पढ़ने की बारी आई तो, वही डिब्बा खोलकर पुराना बजट ही पढ़ दिया। यह एक बहुत बड़ी गड़बड़ है और मैं उनके लिए प्रार्थना करूंगी।

संदीप/दधिबल

RELATED ARTICLES

Most Popular