-प्रमोद तिवारी, आराधना मिश्रा, नसीमुद्दीन सिद्दीकी, वीरेन्द्र चौधरी समेत अन्य नेता रहे मौजूद
लखनऊ (हि.स.)। महंगाई के खिलाफ कांग्रेस के राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन के क्रम में गुरुवार को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी पार्टी कार्यकर्ता सड़क पर उतरे। पार्टी के वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी, नेता विधान मण्डल दल आराधना मिश्रा मोना और विधायक वीरेन्द्र चौधरी, पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी के नेतृत्व में राजभवन मार्च के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प भी हुई। उसके बाद कांग्रेस नेताओं ने अपनी गिरफ्तारी दी।
कांग्रेस महंगाई के विरोध में चरणबद्ध अभियान चला रही है। उसी के तीसरे चरण में प्रदेश मुख्यालय पर कांग्रेसियों ने प्रदर्शन किया। नेता विधानमंडल दल आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल सस्ता होने के बावजूद भाजपा सरकार महंगा तेल और रसोई गैस बेच रही है। लोग बेरोजगारी और आय न बढ़ने से परेशान हैं लेकिन भाजपा सरकार अपना खजाना भरती जा रही है। पूरा देश महंगाई से परेशान है। भाजपा में जनता के प्रति कोई मानवीय संवेदना नहीं है। उन्होंने कहा कि हमारे कार्यकर्ता राजभवन की तरफ बढ़ रहे थे। पुलिस ने लाठीचार्ज किया। उससे कई कार्यकर्ताओं को चोटें भी आई हैं। राजभवन जा रहे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर ईको गार्डन ले जाया गया, जहां कांग्रेस की तरफ से वरिष्ठ नेताओं ने राज्यपाल के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भी सौंपा।
वरिष्ठ नेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि भाजपा सरकार लोक कल्याण की भावना से हटकर काम कर रही है। कीमतें लगातार बढ़ने से आम जनमानस महंगाई से बेहाल है। इसका परिणाम देश की जनता महंगाई के रूप में भुगत रही है।
पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय जब डीजल एवं पेट्रोल कीमतें 55-60 रुपये प्रतिलीटर थी, तब भाजपा के नेता सड़कों पर महंगाई का रोना रोते थे। आज जनता 105 रुपये में पेट्रोल एवं 100 रुपये में डीजल खरीद रही है लेकिन भाजपा के नेता महंगाई पर बोलने को तैयार नहीं हैं।
दिलीप शुक्ला
