रायबरेली (हि. स.)। मसाले की खेती कर रहे किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी है,अब अपने उत्पादों के लिए दूसरे बाजारों पर निर्भर नहीं होना पड़ेगा। उन्हें अब जिले में ही अच्छे खरीददार व प्रॉसेसिंग व्यवस्था मिलने जा रही है। साथ ही युवाओं को रोजगार भी सुलभ हो सकेगा। रायबरेली के डिडौली में बने स्पाइस पार्क के लिए सभी बाधाओं को दूर कर लिया गया है।
भारत सरकार के स्पाइस बोर्ड द्वारा संचालित रायबरेली में बने स्पाइस पार्क का औपचारिक उद्घाटन तो 2019 में ही हो गया था लेकिन कई तकनीकी बाधाओं के कारण इसका संचालन सुचारू रूप से नहीं हो पा रहा था। किसान इस पार्क से जुड़ नहीं पा रहे थे और कई कारणों से अन्य किसान भी इसका लाभ नहीं उठा पा रहे थे।
यहां की बाधाओं के निराकरण के लिए जिलाधिकारी माला श्रीवास्तव ने विशेष पहल की है। विद्युत विभाग द्वारा स्पाइसेस पार्क को औद्योगिक फीडर से जोड़ने हेतु लगभग 06 कि0मी0 लम्बी लाइन निर्माण हेतु रूपये 1.25 करोड का एस्टिमेट स्पाइसेस पार्क को दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि उक्त धनराशि अवमुक्त करा दी गई है और एक सप्ताह के उपरान्त विद्युत विभाग द्वारा लाइन निर्माण का कार्य प्रारंभ कर दिया जायेगा तथा अगस्त 2023 तक स्पाइसेस पार्क को औद्योगिक फीडर से अनवरत विद्युत आपूर्ति करना सुनिश्चित कर दिया जायेगा।
उन्होंने बताया कि अनवरत विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था हो जाने पर स्पाइसेस पार्क में कंपनियों द्वारा स्पाइसेस (मसाले) सम्बन्धित विभिन्न प्रकार के प्लांट लगाने में तेजी आयेगी तथा विभिन्न प्रकार के मसालों का निर्यात संभव हो सकेगा तथा स्थानीय लोगों को रोजगार मिल सकेगा।
हरचंदपुर के पास डिडौली गांव में स्पाइसेस पार्क का बनाया गया है, जिससे कि पिपरमिंट, मिर्च, काला सर्सो, मेंथा की खेती करने वाले किसानों का उत्पादन का उचित दाम पर खरीद कर उन्हें प्रोसेस किया जा सके तथा किसानों को फायदा हो एवं स्थानीय लोगों को रोजगार प्राप्त हो सके लेकिन ग्रामीण फीडर से जुड़े होने के कारण इस स्पाइसेस पार्क को लगभग 14 से 18 घंटे की ही विद्युत आपूर्ति हो पा रही थी जिस कारण से इस पार्क में कम्पनिया प्लान्ट लगाने में विशेष रूचि नहीं ले रहीं थी।
रजनीश/बृजनंदन
