मथुरा(हि.स.)। सूर्य ग्रहण के कारण गोवर्धन पूजा अब 26 अक्टूर को होगी। कान्हा की नगरी में यहां श्री गिरिराज महाराज के सन्मुख 56 भोग लगाये जाएंगे। ब्रज के घर- घर में गिरिराज महाराज पूजे जाएंगे। इससे पूर्व दीपावली वाले दिन सोमवार को शाम से ही दीपदान शुरू हो गया जोकि देर रात तक चला। गोवर्धन कस्बे के कुंड – सरोवर सहित गिरिराज मंदिर दीपों की सजावट से झिलमिला उठे।
गोवर्धन में कार्तिक मास में 40 दिवसीय धार्मिक आयोजन किये जाते हैं। इस आयोजन में गौड़ीय सम्प्रदाय से जुड़े भक्त नियम सेवा का व्रत लेकर उपवास रख श्रीकृष्ण आराधना में लीन रहते हैं। इसी बीच दीपावली का पर्व भी कृष्ण भक्त बड़े ही उत्साह और उमंग के साथ मानते चले आए हैं। मंगलवार की शाम से ही गोवर्धन में कान्हा के भक्तों की भीड़ जमा होना शुरू हो गई। कृष्ण भक्तों ने पतित पावनी मानसी गंगा पर हो रहे दीपदान में बढ़ चढ़कर भाग ले दीपदान किया। देश के कोने-कोने से आये लाखों भक्तों के साथ ही विदेशों से आए कृष्ण भक्तों ने भी कान्हा की लीला स्थली में दीपदान कर अपने को धन्य माना। गोवर्धन सप्तकोसी परिक्रमा मार्ग में वैष्णव सम्प्रदाय के अनुयायिओं ने गिरिराज पर्वत पर असंख्य दीप जला कर पुण्य लाभ अर्जित किया। परिक्रमा मार्ग के श्री राधा कुंड पर गौड़ीय सम्प्रदाय से जुड़े भक्तों ने भारी संख्या में पहुंचकर दीपदान किया।
26 तारीख को होगी गोवर्धन पूजा
अबकी बार दीपावली के दूसरे दिन मंगलवार को सूर्य ग्रहण पड़ने के कारण गोवर्धन पूजा 26 तारीख को होगी। जिसमें लाखों की संख्या में कृष्ण भक्त गिरिराज जी की पूजा अर्चना कर मनोती मांगेंगे। भक्त अपने आराध्य श्री गिरिराज महाराज के सन्मुख 56 भोग लगाएंगे। दानघाटी मंदिर के सेवायत मथुरा प्रसाद ने बताया कि दीपावली के दूसरे दिन बृज में गिरिराज पूजा होती थी लेकिन अबकी बार सूर्य ग्रहण पड़ने के कारण बुधवार 26 तारीख को गिरिराज धाम में गिरिराज पूजा का आयोजन किया जाएगा। इसमें देश विदेश से आये श्रद्धालु गिरिराज की पूजा अर्चना कर मनोती मांगते हैं। आज बृज के मंदिरों एवम कुंड व सरोवर पर दीपदान का आयोजन किया जा रहा है ।
महेश
