-तीन अन्य उपनिदेशकों सहित सभी के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की संस्तुति
लखनऊ (हि.स.)। मण्डी परिषद में अनियमितता बरतने और निर्माण कार्यों में मानक के अनुरूप कार्य न कराये जाने के कारण एक संयुक्त निदेशक व दो उपनिदेशकों को तत्काल प्रभाव से निलम्बित कर दिया गया है। तीन अन्य उपनिदेशकों सहित छह अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की संस्तुति की गयी है।
मण्डी परिषद के निदेशक जितेन्द्र प्रताप सिंह ने शुक्रवार को बताया कि वर्ष 2007 से 2014 के अवधि में गोपाल शंकर, संयुक्त निदेशक निर्माण द्वारा आगरा में तैनाती के दौरान लोक निर्माण विभाग के एसओआर से अधिक दर पर सीमेंट क्रय कर 32,47,500 रुपये की क्षति विभाग को पहुंचाई गयी। इसके साथ ही बुन्देलखण्ड पैकेज में कार्यों में स्टील मद की दरों के लिए निर्धारण के लिए गठित समिति के सदस्य के रूप में एसओआर से अधिक दरों पर क्रय करने तथा वाराणसी मण्डी के कार्यों के शिथिल पर्यवेक्षण के कारण उन्हें निलम्बित करने सहित अनुशासनात्मक कार्यवाही की संस्तुति की गयी है।
श्री सिंह ने बताया कि जनपद गोण्डा, बलरामपुर, वाराणसी में तैनाती के दौरान उपनिदेशक राम नरेश द्वारा विभिन्न प्रकार की अनियमितताएं बरतने के साथ ही अनुमोदित धनराशि से अधिक भुगतान करने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता न बरते जाने तथा अधिकारों के दुरुपयोग, स्वेच्छाचारिता से काम करने के कारण इन्हें निलम्बित करते हुए अनुशासनात्मक कार्यवाही संस्तुति की गयी है।
उपनिदेशक हरी राम द्वारा जनपद अयोध्या में तैनाती के कार्यकाल में मण्डी समिति अकबरपुर के तहत बिना निविदा के पांच सम्पर्क मार्गों की मरम्मत एवं दो अन्य सम्पर्क मार्गों में स्वेच्छाचारिता बरतने तथा एक मार्ग की आवश्यकता न होने के बाद कार्य कराने, बहराइच जनपद में विभागीय कार्य में भ्रष्टाचार एवं अनियमितता बरतने, बदायूं—बरेली में निम्नस्तरीय रगाई पुताई के लिए अनियमित भुगतान करने एवं दायित्वों के निर्वहन में उदासीनता बरतने के कारण इन्हें निलम्बित करते हुए अनुशासनात्मक कार्यवाही की संस्तुति की गयी है।
मण्डी निदेशक ने कहा कि उपनिदेशक अशोक कुमार द्वारा कोरोना काल में निर्माण खण्ड मिर्जापुर से दायित्वों से पलायन करने एवं अनुशासनहीनता के आरोपों के कारण अनुशासनात्मक कार्यवाही की संस्तुति की गयी हैं। इसी प्रकार उपनिदेशक अतर सिंह द्वारा उपमण्डी स्थल बण्डा (जनपद शाहजंहापुर) में सीसी रोड के कार्य के अधोमानक पाये जाने तथा नालियों की मरम्मत कार्य मानक के तहत न होने एवं कानपुर जनपद में सम्पर्क मार्ग का मरम्मत कार्य अधोमानक तथा डिफेक्ट लायविलिटी पीरियड में कमियों को ठेकेदार से ठीक न कराये जाने के कारण अनुशासनात्मक कार्यवाही की संस्तुति की गयी है।
श्री सिंह ने कहा कि उपनिदेशक नरेन्द्र कुमार मलिक द्वारा नवीन मण्डी स्थल साहिबाबाद (गाजियाबाद) में सफाई कार्य के लिए अनुबन्धित ठेकेदार द्वारा मण्डी स्थल की सफाई से निकलने वाले कचरे को नगर निगम द्वारा निर्धारित स्थल पर न ले जाने के बावजूद भी ठेकेदार को अनियमित रूप से भुगतान किया जाता रहा है। नरेन्द्र मलिक ने पर्यवेक्षकीय दायित्वों में भी शिथिलता बरती, इस कारण उनके विरुद्ध भी अनुशासनात्मक कार्यवाही की संस्तुति की गयी है।
