Tuesday, April 7, 2026
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मकर संक्रान्ति: आधी रात के बाद से ही पुण्यकाल, भोर से गंगा स्नान और दानपुण्य

–अफसरों ने नाविकों संग की बैठक, आवश्यक दिशा निर्देश दिया, नावों पर लाइफ जैकेट रखना अनिवार्य 

वाराणसी (हि.स.)। सनातन धर्म में भगवान सूर्य के दक्षिणायन से उत्तरायण होने पर मनाये जाने वाले पर्व मकर संक्रान्ति का खास महत्व है। पर्व अरसे बाद 14 जनवरी गुरूवार को बेहद शुभ संयोग में है। सूर्यदेव धनु राशि को छोड़कर सुबह 08.14 मिनट पर मकर राशि में प्रवेश करेंगे। पर्व पर भगवान सूर्य देव के मकर राशि में प्रवेश के 06 घंटे 24 मिनट पहले ही पुण्यकाल आधी रात के बाद ही शुरू हो जायेगा। चार बजे भोर से ही गंगा स्नान और दान पुण्य का सिलसिला शुरू हो जायेगा। 
  मकर संक्रान्ति पर्व पर शनि ग्रह अपने घर मकर राशि में गुरू बृहस्पति ग्रह,बुध ग्रह एवं चंद्र ग्रह के साथ सूर्यदेव का स्वागत करेंगे। ज्योतिषविद मनोज उपाध्याय ने बताया कि ग्रहों का यह दुर्लभ संयोग है। भगवान सूर्य का मकर राशि में प्रवेश श्रवण नक्षत्र में होगा। इसमें ध्वज नामक शुभ योग भी है। ग्रहों के राजा सूर्यदेव सिंह पर सवार होकर मकर राशि में संचरण करेंगे। यह संयोग सत्तारूढ़ पार्टी के लिए बेहद फायदेमंद है। राजनीति क्षेत्र में उथल पुथल के साथ बदलाव भी हो सकता है। 
 उन्होंने बताया कि  इस दिन गंगा स्नान कर व्रत, कथा, दान और भगवान सूर्यदेव की उपासना करने का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन गंगा.यमुना.सरस्वती के संगम प्रयाग में सभी देवी.देवता अपना स्वरूप बदलकर स्नान करने आते है। इसलिए इस अवसर पर गंगा स्नान व दान.पुण्य का विशेष महत्व है। इस त्योहार का निर्धारण सूर्य की गति के अनुसार होता है। ज्योतिषविद के अनुसार कर्क व मकर राशि में सूर्यग्रह का प्रवेश लाभदायक माना जाता है । इस दिन से सभी शुभ कार्य प्रारंभ होते हैं।
उधर,मकर संक्रान्ति पर्व पर गंगा स्नान के लिए उमड़ने वाली भीड़ को लेकर जिला प्रशासन भी सजग है। एडीएम सिटी गुलाबचंद, एसपी सिटी विकास चन्द्र त्रिपाठी के नेतृत्व में सीओ दशाश्वमेध अवधेश पांडेय, प्रभारी निरीक्षक दशाश्वमेध, प्रभारी निरीक्षक लक्सा ने गिरजाघर चौराहे से गोदौलिया,  दशाश्वमेध घाट, ललिता घाट, मान मंदिर घाट सहित प्रमुख घाटों का निरीक्षण किया। एसपी सीटी,एडीएम सीटी और सीओ ने  नाविकों संग बैठक भी की।
  बैठक में अफसरों ने उन्हें आवश्यक दिशा निर्देश दिया। एसपी सिटी ने बताया कि जल पुलिस चौकी दशाश्वमेध पर नाविकों संग बैठक कर बताया गया कि क्षमता से ज्यादा यात्रियों को नाव पर नही बैठाना है। गंगा में नौका संचालन के लिए लाइफ जैकेट अनिवार्य रुप से रखने को कहा गया है। उन्होंने बताया कि नियम की अनदेखी करने वाले नाविकों के विरुद्ध जल पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही नाविकों को भी सतर्क रहने को कहा गया है। पर्व पर  आपात स्थिति से निपटने और सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए जल पुलिस, पीएसी और एनडीआरएफ टीम भी गंगा में सतर्क रहेगी।

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