-पंचागों को दरकिनार कर लोग गंगा स्नान के लिए अलसुबह से ही घाटों पर पहुंचते रहे,दिन चढ़ने तक स्नान ध्यान का सिलसिला चला
वाराणसी (हि.स.)। मकर संक्रांति पर्व पर शनिवार को लाखों श्रद्धालुओं ने गंगा मईया में आस्था की डुबकी लगा घाटों पर दान पुण्य किया। सुबह तड़के से ही लोग बड़ी संख्या में घाटों पर श्रद्धा उल्लास के बीच गंगा स्नान के लिए पहुंचने लगे। प्राचीन दशाश्वमेधघाट, अहिल्याबाई घाट, शीतलाघाट, राजेन्द्र प्रसाद घाट, पंचगंगाघाट, अस्सी, भैसासुर घाट, राजघाट और सामनेघाट गंगा स्नान के लिए भारी भीड़ जुटी रही। सुबह से ही मौसम साफ होने और भगवान भाष्कर के उदय होने से स्नानार्थियों को गंगा स्नान रास आया।
पंचागों में भले ही मकर संक्रांति का पर्व रविवार को है। लोगों ने परम्परानुसार लोहिणी के दूसरे दिन पर्व मनाया। वहीं, लाखों लोग रविवार को भी पर्व मनायेंगे। काशी में मकर संक्रांति पर्व दो दिन मनाई जायेगी। सनातनी पंचागों के अनुसार सूर्य देव शनिवार रात 8 बजकर 21 मिनट पर मकर राशि में प्रवेश करेंगे। ऐसे में सनातनी परम्परा के अनुसार उदया तिथि में लोग रविवार को गंगा स्नान कर मकर संक्रांति पर्व मनायेंगे। पर्व पर पुण्य काल 15 जनवरी रविवार को सुबह 7 बजकर 17 मिनट से शाम 5 बजकर 55 मिनट तक है। महा पुण्य काल सुबह 7 बजकर 17 मिनट से सुबह 9 बजकर 04 मिनट तक है। पर्व पर लोग गंगा स्नान के बाद अन्न, तिल, गुड़, वस्त्र, कंबल, चावल, उड़द आदि दान करेंगे।
-मकर संक्रांति पर्व पर सुबह से ही हो रही पतंगबाजी
मकर संक्राति पर्व पर युवाओं के साथ बच्चों ने जमकर पतंगबाजी का आनंद लिया। सुबह होते ही बच्चे और युवा अपने घरों की छतों,सार्वजनिक पार्को,सड़कों पर पतंग के पेच लड़ाने लगे। अलसुबह से ही चारों ओर भक्काटा का शोर सुनाई देने लगा। मौसम साफ होने और सूर्यदेव के उदय होने से खुशगवार माहौल में घरों की छतों पर बुर्जुग और महिलाए भी बच्चों के साथ पतंगबाजी का लुत्फ उठाते दिखे। पतंगबाजी का क्रेज बच्चों के साथ बुर्जुग पतंगबाजों में दिखा। आसमान भी रंग-बिरंगी पतंगों से पटा रहा। पतंगबाजी के साथ कटी पतंगों को लुटने वालों का उत्साह भी चरम पर दिखा। बच्चे और युवा गिरते-पड़ते पतंग लूटते दिखे। मकर संक्रांति पर्व पर पतंग के कारोबार को भी नई उड़ान मिली। शहर में अनुमानित 80 लाख से एक करोड़ रूपये का कारोबार हुआ। इसमें नख (मंझा) और परेती की बिक्री भी शामिल है। पर्व पर मोदी पतंग,कार्टून वाली पतंगों की खासी मांग रही। दालमंडी,औरंगाबाद,हड़हा सहित अन्य बाजारों में पतंग खरीदने के लिए दुकानों पर भीड़ दिखी।
श्रीधर
