Sunday, February 15, 2026
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मऊ नगर पालिका चुनाव : ए.के शर्मा की प्रतिष्ठा दांव पर, तीन मई से ही डाले हैं डेरा

-कभी मऊ नगर पालिका में नहीं खिला कमल, सामान्य सीट पर भाजपा ने दिया है दलित को टिकट

लखनऊ (हि.स.)। मऊ नगर पालिका का चुनाव कैबिनेट मंत्री एके शर्मा के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन गया है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि तीन मई से ही कैबिनेट मंत्री ने मऊ में डेरा डाल दिया है। अब देखना यह होगा कि कभी नगर पालिका में कमल न खिलने वाली जगह पर एके शर्मा कमल खिला पाएंगे या नहीं। अपने गृह जनपद में उम्मीदवार को जीताने के लिए वे घर-घर जाकर चुनाव प्रचार कर रहे हैं।

मऊ नगर पालिका में इस बार नए परिसीमन में 54 गांवों को शामिल किया गया है। इसमें दलित समुदाय की संख्या ज्यादा है। भाजपा ने यहां सामान्य सीट होते हुए भी दलित समाज से टिकट देकर अच्छी रणनीति पर आगे बढ़ रही है। यहां पर अध्यक्ष पद के लिए कुल आठ प्रत्याशी चुनावी जंग में हैं।

अजय कुमार भाजपा से चुनाव मैदान में हैं। अजय कुमार बसपा के शासनकाल में दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री रह चुके हैं। सपा आबिद अंसारी और बसपा से अरशद जमाल को टिकट दिया है। मऊ नगर पंचायत सन 1953 में नगर पालिका बना। नगर पालिका परिषद मऊ की बात करें तो इस बार नगर पालिका में कुल 45 वार्ड हैं, जिनमें नौ सीट महिला, दो सीट अनुसूचित जाति महिला चार सीट पिछड़ा वर्ग महिला चार सीट अनुसूचित जाति सीट पिछड़ा वर्ग और 18 सीट अनारक्षित रखी गई है।

इस बार मऊ नगर पालिका में कुल 2,95,437 मतदाता हैं, जिनमें 1,53,719 पुरुष मतदाता, जबकि 1,41,418 महिला मतदाता हैं। यह सभी मतदाता कुल 95 मतदान केंद्रों के 342 मतदान स्थलों पर उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे। पिछले चुनाव में मतदाताओं की संख्या लगभग दो लाख 46 हजार के करीब थीं, जो अब बढ़कर 295437 हो गई है।

अब नए 54 राजस्व गांव के शामिल हो जाने पर अध्यक्ष पद पर मुकाबला काफी दिलचस्प हो गया है। निवर्तमान पालिका अध्यक्ष तय्यब पालकी ने 2006 में समाजवादी पार्टी से चुनाव जीते थे व 2017 में बहुजन समाज पार्टी से चुनाव जीते थे, जबकि सन 2000 में समाजवादी पार्टी से अरशद जमाल ने चेयरमैन पद पर कब्जा जमाया था वहीं 2012 में महिला सीट होने के कारण अपनी पत्नी को समाजवादी पार्टी से चेयरमैन बनाया था। अब तो आने वाला 13 मई ही बताएगा कि इस बार ऊंट किस करवट बैठता है लेकिन इतना तय है कि पिछले 20 वर्षों के इतिहास में यहां अब तक का सबसे दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल सकता है।

उपेन्द्र

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