लखनऊ (हि.स.)। भ्रष्टाचार में लिप्त जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) अखिलेंद्र दुबे को सरकार ने निलंबित कर दिया है। अखिलेंद्र दुबे पर भ्रष्टाचार और महिला उत्पीड़न के कई गम्भीर आरोप लगे थे। इतना ही नहीं वह अपने प्रभाव के चलते अखिलेंद्र दुबे जांच को भी प्रभावित करते थे। उनके खिलाफ कई बार शिकायत हुई, लेकिन वह बचते चले गए। बाल विकास पुष्टाहार विभाग की ओर से उसके निलंबन का आदेश जारी कर दिया गया।
अखिलेंद्र पर लखनऊ तथा अन्य जिलों में तैनाती के दौरान वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितता, शासकीय नीतियों की आलोचना, महिला कर्मियों के उत्पीड़न से संबंधित गंभीर शिकायतें थीं। अखिलेंद्र दुबे के विरुद्ध कार्रवाई की मांग लंबे समय से उठ रही थी, लेकिन अपने रसूख के चलते खुद को वह बचा लेते थे। विधायक समेत कई नेताओं ने शासन को पत्र भेजकर इस पर कार्रवाई की मांग भी की थी।
अखिलेंद्र दुबे के खिलाफ भ्रष्टाचार, अवैध वसूली के कई मामले लंबित थे, यह मामले अन्य जिलों के बताए जा रहे हैं। इसी के चलते लखनऊ में तैनाती के दौरान 2018 में अखिलेंद्र दुबे को निलंबित भी किया गया था, लेकिन शासन के कुछ अफसरों की मिलीभगत के चलते वह अपने आप को बचाने में कामयाब हो गया था।
बृजनंदन
