आवास विकास कालोनी में शुरू हुई 11 दिवसीय श्रीराम कथा व पर्यावरण सुरक्षा यज्ञ
अतुल भारद्वाज
गोंडा। श्रीरामचरितमानस में सात अंक का अत्यंत महत्व बताया गया है। मानस के सात कांड रामभक्ति के सात चरण और सात अंग माने जाते हैं। बालकांड को पांव, अयोध्याकांड को कमर, अरण्यकांड को पेट, किष्किंधाकांड को हृदय, सुंदरकांड को ग्रीवा, लंकाकांड को मुख और उत्तरकांड को मस्तक कहा गया है। यह बात अखिल भारतीय श्रीरामनाम जागरण मंच के तत्वावधान में नगर के आवास विकास कालोनी में बृहस्पतिवार से शुरू हुई श्रीराम कथा का शुभारंभ करते हुए अंतरराष्ट्रीय प्रवाचक रमेश भाई शुक्ल ने कही।
उन्होंने कहा कि गोस्वामी तुलसीदास ने श्रीरामचरितमानस का आरंभ मंगलाचरण से किया है, जिसका आशय हम सबके व्यक्तिगत आचरण की शुद्धता से है। संस्कृत के प्रकांड विद्वान होने के बावजूद उन्होंने श्रीरामचरितमानस की रचना अवधी में की और यही कारण है कि मानस लोकग्रंथ बन सका। यह भाषाई क्रांति का सबसे बड़ा उदाहरण है। अयोध्या की महिमा का वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि सातों पुरियां भगवान के सात अंग हैं, परंतु उनमें अयोध्या सर्वश्रेष्ठ है। उन्होंने अवंतिका को पैर, कांचीपुरम को कमर, द्वारका को नाभि, हरिद्वार को हृदय, मथुरा को ग्रीवा, काशी को नासिका और अयोध्या को मस्तक बताया।

सरयू की उत्पत्ति के बारे में उन्होंने कहा कि यह भगवान विष्णु के आंसुओं से निकली है, इसीलिए इसे नयनजा भी कहा जाता है। नाम-जप के महात्म्य का वर्णन करते हुए प्रवाचक ने कहा कि किसी भी रूप में ‘राम’ नाम जप करने से मुक्ति प्राप्त होती है। भगवान शिव ने भी कुंभज ऋषि से रामकथा सुनी थी। शिव भक्ति, मुक्ति और मस्तीकृइन तीनों के दाता हैं। उन्हें ‘गोपेश्वर’ भी कहा जाता है, क्योंकि गोपी का अर्थ है वह जो भगवान के दर्शन का इच्छुक हो।
प्रवाचक ने यह भी कहा कि श्रीरामकथा मात्र कथा नहीं, बल्कि धरती पर बहने वाली अमृतधारा है। भगवत कार्य का शुभारंभ तीन तत्वों शुभ संकल्प, पुरुषार्थ और भगवत कृपा के संयोग से होता है। रामकथा पाप और पुण्य दोनों का हरण करती है, क्योंकि दोनों ही बंधन का कारण बनते हैं। प्रथम दिन की कथा का समापन माता सती के आत्मदाह प्रसंग के साथ हुआ।

इससे पूर्व 14 दिसंबर तक चलने वाली श्रीरामकथा की शुरुआत भगवान शिव की स्तुति एवं हनुमान चालीसा के पाठ के साथ हुई। मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं कार्यक्रम संयोजक पंडित निर्मल शास्त्री ने बताया कि कथा का आयोजन प्रतिदिन सायंकाल 4.30 बजे से 8.30 बजे तक होगा जबकि सुबह 8 से 10 बजे तक यज्ञ होगा। उन्होंने बताया कि भक्तों व श्रद्धालुओं के लिए अन्न क्षेत्र में प्रतिदिन दोनों पहर भोजन प्रसाद की पूर्ण व्यवस्था की गई है। यज्ञ और कथा में आने वाले सभी लोगों के लिए भोजन प्रसाद उपलब्ध रहेगा। साथ ही श्रीराम परिवार मित्र मंडली आयोजन की तैयारियों में पूरी तत्परता से जुटी हुई है।

उद्घाटन कार्यक्रम में नगर पंचायत खरगूपुर की अध्यक्ष ममता रस्तोगी, पूर्व अध्यक्ष राजीव रस्तोगी, आरएसएस के जिला प्रचारक सतीश जी, जिला सहकार्यवाह रणविजय, नगर प्रचारक अमित, नगर कार्यवाह बीएन सिंह, ज्योति पांडेय, पंडित हरिओम पांडेय, ईश्वर शरण मिश्र, एसएन मिश्र, सभाजीत तिवारी, धर्मेंद्र सिंह, प्रभाशंकर द्विवेदी, अजय मित्तल, अमित अग्रवाल, राकेश सिंह, अजय तिवारी, आशीष मिश्र सहित अनेक भक्त उपस्थित रहे।
यह भी पढ़ें: Gonda News: Shriram Katha के आयोजन को लेकर शहर में बढ़ी हलचल
हमसे जुड़ें: न्यूज पोर्टल www.hindustandailynews.com पर प्रकाशन के इच्छुक कविता, कहानियां, महिला जगत, युवा कोना, सम सामयिक विषयों, राजनीति, धर्म-कर्म, साहित्य एवं संस्कृति, मनोरंजन, स्वास्थ्य, विज्ञान एवं तकनीक इत्यादि विषयों पर लेखन करने वाले महानुभाव अपनी मौलिक रचनाएं एक पासपोर्ट आकार के छाया चित्र के साथ मंगल फाण्ट में टाइप करके हमें प्रकाशनार्थ प्रेषित कर सकते हैं। हम उन्हें स्थान देने का पूरा प्रयास करेंगे : अतुल भारद्वाज सम्पादक मोबाइल 08619730058
नम्र निवेदन: सुधी पाठकों, आपको अवगत कराना है कि आपके द्वारा प्रेषित अनेक खबरें ‘हिंदुस्तान डेली न्यूज’ पोर्टल पर प्रकाशित की जाती हैं; किंतु सभी खबरों का लिंक ग्रुप पर वायरल न हो पाने के कारण आप कई बार अपनी तथा अन्य महत्वपूर्ण खबरों से वंचित रह जाते हैं। अतः आपसे अनुरोध है कि आप सीधे www.hindustandailynews.com पर जाकर अपनी खबरों के साथ-साथ पोर्टल पर प्रकाशित अन्य खबरें भी पढ़ सकते हैं। पोर्टल को और अधिक सूचनाप्रद तथा उपयोगी बनाने के लिए आपके सुझावों का स्वागत है। अतुल भारद्वाज, संपादक-हिंदुस्तान डेली न्यूज, मो. 8619730058
