कुशीनगर (हि. स.)। केन्द्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा कि योग भारत की प्राचीन विधा है। आदि काल में हमारे ऋषि मुनियों द्वारा योग करने की परंपरा रही है। वर्तमान में योग आदि काल के समान ही प्रासंगिक है। योग प्राचीन के साथ आधुनिक भी है। योग विश्व को भारत का वरदान है। योग से स्वस्थ और दीर्घ जीवन की प्राप्ति होती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयास से इसे अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त हुई है। योग के माध्यम से ही भारत विश्व समुदाय को स्वस्थ जीवन जीने की कला दे सकता है।
केंद्रीय मंत्री मंगलवार को कुशीनगर के महापरिनिर्वाण बुद्ध मंदिर परिसर में आठवें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित योग शिविर के प्रतिभागियों को सम्बोधित कर रहे थे। अठावले ने कहा कि फिजी से सैन फ्रांसिस्को तक के लोग आज योग में शामिल हुए हैं। मानवता के लिए योग को लेकर विश्व के लोग हमसे जुड़ रहे है। इस वर्ष यह ऐसे समय में मनाया जा रहा है जब हम आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं। भारत ने योग के माध्यम से मानवता को बढ़ावा देने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी है। कहा कि योग का अभ्यास सभ्यता के विकास के साथ ही प्रारम्भ हो गया था। इसका व्यापक प्रचार प्रसार होना चाहिए ताकि इससे पूरी मानवता लाभान्वित हो सके। कहाकि योग सुन्दर जीवन जीने का विकल्प है। इसके माध्यम से मनुष्य मानसिक परिवर्तन का अनुभव करता है। आज के इस उथल पुथल ज़िन्दगी में योग की प्रासंगिकता और भी बढ़ गयी है। आज विश्व में योग प्रशिक्षकों की मांग बढ़ी है। उसकी पूर्ति कराना भी हमारा दायित्व है। आज योग जन आंदोलन बन चुका है।
इसके पूर्व उन्होंने पातंजलि की प्रतिमा पर माल्यापर्ण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया और योगाभ्यास में भाग लिया। सांसद विजय कुमार दूबे ने कहा कि योग से स्वस्थ समाज बनता है और स्वस्थ समाज से मजबूत राष्ट्र होता है। पीएम नरेन्द्र मोदी ने योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करके भारतीय प्रतिष्ठा को पुर्नजीवित किया है।
प्रदेश के ग्राम्य विकास आयुक्त जीएस प्रियदर्शी, सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार के निदेशक अनिल कुमार बी पाटिल, भारत सरकार के संग्रहालय निदेशक नीरज कुमार सिन्हा, विधायक फाजिलनगर सुरेंद्र कुशवाहा आदि ने भी सम्बोधित करते हुए योग की महत्ता पर प्रकाश डाला। जिलाधिकारी एस राजलिंगम ने अतिथियों का स्वागत किया।
गोपाल
