Friday, March 13, 2026
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भारत का डीएनए एक है इसलिए पूरा देश भी एक : योगी आदित्यनाथ

ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की 52वीं व ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की 7वीं पुण्यतिथि पर साप्ताहिक श्रद्धांजलि समारोह का शुभारंभ

आर्य-द्रविण का विवाद बेबुनियाद

“एक भारत-श्रेष्ठ भारत की संकल्पना से बनेगा समर्थ भारत”

गोरखपुर (हि.स.)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नई थ्योरी में पता चला है कि पूरे देश का डीएनए एक है। यहां आर्य-द्रविण का विवाद झूठा और बेबुनियाद रहा है। भारत का डीएनए एक है इसलिए भारत एक है। आज दुनिया की तमाम जातियां अपने मूल में ही समाप्त होती गई हैं जबकि भारत में फलफूल रही हैं। पूरी दुनिया को भारत ने ही वसुधैव कुटुंबकम का भाव दिया है इसलिए वह श्रेष्ठ है।

मुख्यमंत्री योगी शनिवार को युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ की 52वीं व राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की 7वीं पुण्यतिथि पर आयोजित साप्ताहिक श्रद्धांजलि समारोह का शुभारंभ कर रहे थे। आयोजन के पहले दिन गोरखनाथ मंदिर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति सभागार में “एक भारत- श्रेष्ठ भारत की संकल्पना ही समर्थ भारत का मार्ग प्रशस्त करेगा” विषय पर आयोजित संगोष्ठी को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी ऐसा भारतीय नहीं होगा जिसे अपने पवित्र ग्रन्थों वेद, पुराण, उपनिषद, रामायण, महाभारत आदि की जानकारी न हो। हर भारतीय परम्परागत रूप से इन कथाओं को सुनते हुए, उनसे प्रेरित होते हुए आगे बढ़ता है।

आर्य बाहरी हैं कि थ्योरी कुटिल अंग्रेजों और वामपंथी इतिहासकारों की देन

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी वेद, पुराण या हमारे अन्य ग्रन्थ यह नहीं कहते कि हम बाहर से आए हैं। हमारे ग्रन्थों में आर्य श्रेष्ठ के लिए और अनार्य दुराचारी के लिए कहा गया है। रामायण में माता सीता ने प्रभु श्रीराम की आर्यपुत्र कहकर संबोधित किया है।

दुनिया की कोई ताकत भारत के आगे नहीं ठहर सकती : योगी

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि एक समय था जब चीन हमारी सीमाओं पर अतिक्रमण करता था और हम मौन रहते थे। आज सक्षम नेतृत्व ने डोकलाम में चीन को जो करारा जवाब दिया, उसे पूरा विश्व जानता है। आज प्रधानमंत्री जो कहते हैं उसके पीछे 135 करोड़ लोगों का व्यापक समर्थन होता है।

राष्ट्र, धर्म व लोक कल्याण को पूरा जीवन समर्पित कर दिया महंतद्वय ने : योगी

इन अवसर पर ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ व ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ को याद करते हुए सीएम योगी ने कहा कि महंतद्वय ने राष्ट्र, धर्म व लोक कल्याण के लिए पूरा जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि कहने को गोरक्षपीठ शैव परंपरा की पीठ है लेकिन वैष्णव परम्परा के श्रीराम मंदिर निर्माण में भी गोरक्षपीठ ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। महंतद्वय ने पीठ को सिर्फ उपासना तक सीमित नहीं रखा बल्कि लोक कल्याण के लिए समर्पित कर दिया।

पीएम कर चुके हैं कई सार्वजनिक मंचों से यूपी के नेतृत्व की प्रशंसा : प्रो. हर्ष

संगोष्ठी के मुख्य वक्ता थे पंडित दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के रक्षा अध्ययन विभाग के आचार्य हर्ष कुमार सिन्हा। उनके अलावा संगोष्ठी को जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी वासुदेवाचार्य, स्वामी श्रीधराचार्य, महंत सुरेशदास ने भी संबोधित किया।

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