संस्कृति विभाग ने मांगे संस्कृति क्षेत्र की दिग्गज हस्तियों के नाम
मालिनी अवस्थी, अतुल तिवारी, देवेंद्र राज अंकुर और प्रो. राजेंद्र सिंह के सुझाए गए नाम
लखनऊ हि.स.। उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग ने भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय लखनऊ के प्रथम/संस्थापक कुलपति पद के 30 जून तक आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। तीन साल के लिए कुलपति की नियुक्ति की जानी है। राज्य सरकार का मानना है कि कुलपति विश्वविद्यालय का कार्यपालक अधिकारी होता है। इसलिए उसमें उच्च कोटि की कार्यक्षमता, संस्थागत वचनबद्धता, नैतिकता और सत्यनिष्ठा होनी चाहिए। उसमें संस्कृति कला प्रदर्शन जैसे संगीत, नृत्य, गायन, वादन,अभिनय, ललित कला के ज्ञान के साथ ही प्रशासनिक मामलों में दक्षता भी होनी चाहिए। इसके अतिरिक्त अभ्यर्थी को भारत सरकार से सम्मान प्राप्त,अंतर्राष्ट्रीय स्तर की फेलोशिप प्राप्त, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर शोधकर्ता भी होना चाहिए।
उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव मुकेश मेश्राम ने कहा है कि हर हाल में आवेदन निदेशक, उत्तर प्रदेश संस्कृति निदेशालय, नवम तल, जवाहर भवन, लखनऊ के पते पर 30 जून तक पंजीकृत डॉक, कोरियर या ईमेल के जरिए पहुंच जाना चाहिए। बाद में प्राप्त आवेदनों पर विचार नहीं होगा।
उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव मुकेश मेश्राम ने लोगों से यह भी आग्रह किया है कि कि वे नवसृजित भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रथम/संस्थापक कुलपति के लिए ऐसे लोगों के नाम सुझाएं जो संगीत, ललित कला, अभिनय तथा नाट्य कला, शास्त्रीय विधा, लोक कला, पुरातत्व, भित्ति चित्र, विविध नृत्य, बौद्ध व जैन दर्शन, रामायण व गीता शोध, भक्ति, कबीर व सूफ़ी दर्शन आदि के सशक्त हस्ताक्षर हों और जिनके मार्गदर्शन में इस संस्थान को विश्वस्तरीय संस्थान बनाने की उत्तर प्रदेश की संकल्पना पूरी हो सकती है। संस्कृति विभाग के प्रमुख सचिव मुकेश मेश्राम की इस अपील का लोगों पर असर भी पड़ा है और लोगों ने इस पहल की मुक्त कंठ से सराहना भी की है।
विजयरामदास ने इसे न केवल अति सुन्दर करार दिया है,वहीं यह भी कहा है कि संस्कृति जगत की के सभी विधाओं को समर्पित व्यक्ति इस सम्माननीय पद के लिए उपयुक्त होंगे। इंजीनियर पंकज कुमार सिंह ने आरा विश्वविद्यालय के प्रोफेसर राजेन्द्र प्रसाद सिंह का इस पद के लिए नाम सुझाया है जबकि नंदिता कुमारी ने सरकार की इस पहल की न केवल सराहना की है बल्किअभ्यर्थी की उम्र के बारे में तो पूछा ही है। साथ ही यह भी जानना चाहा है कि कुलपति पद के दावेदार को यूपी का ही निवासी होना चाहिए या वह देश के किसी भी हिस्से का हो सकता है।
अरविंद त्रिवेदी ने भातखंडे संस्कृति विश्वविद्यालय लखनऊ के पहले कुलपति के लिए जहां पद्मश्री मालिनी अवस्थी का नाम सुझाया है, वहीं विधु खरे ने देवेंद्र राज अंकुर, अतुल तिवारी और मालिनी अवस्थी के नाम की इस बावत संस्तुति की है।
सियाराम
