नई दिल्ली (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसदों ने शुक्रवार को संसद भवन में विपक्षी सदस्यों के ‘अनियंत्रित व्वहार’ के विरोध में प्रदर्शन किया। वहीं, विपक्षी सांसदों का राज्यसभा से 12 निलंबित सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई को वापस लेने की मांग को लेकर पांचवे दिन भी प्रदर्शन जारी रहा।
संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत से ही 12 सदस्यों के निलंबन को लेकर दोनों सदनों की कार्यवाही में बाधा जारी है। सत्र की शुरुआत 29 नवंबर को हुई है। सत्तारूढ़ दल के सदस्यों ने आज विपक्षी सदस्यों पर सदन के अंदर और बाहर अनियंत्रित आचरण का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ प्रदर्शन किया।
संसद भवन परिसर स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के नीचे प्रदर्शन कर रहे विपक्षी सदस्यों के समीप ही भाजपा सांसदों ने भी प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे भाजपा सांसदों में राकेश सिन्हा, शिवप्रताप शुक्ला, अरूण सिंह, केजे अल्फोंस समेत तमाम सदस्य शामिल रहे।
राज्यसभा में पिछले मानसून सत्र के दौरान विपक्षी सदस्यों के आसन के खिलाफ अभद्र व्यवहार और सदन में सुरक्षाकर्मियों के साथ अनियंत्रित आचरण के कारण शीतकालीन सत्र के पहले दिन ही 12 विपक्षी सदस्यों के खिलाफ एक प्रस्ताव के बाद उन्हें सत्र की शेष अवधि की कार्यवाही से निलंबित कर दिया गया। निलंबित सांसदो में कांग्रेस के 6, तृणमूल कांग्रेस के 2, शिवसेना के 2, माकपा और भाकपा के एक-एक सदस्य शामिल हैं।
जिन सदस्यों को निलंबित किया गया है, उसमें फूलो देवी नेताम (कांग्रेस), छाया वर्मा (कांग्रेस), रिपुन बोरा (कांग्रेस),अखिलेश प्रसाद सिंह (कांग्रेस), राजमणि पटेल (कांग्रेस), सैय्यद नासिर हुसैन (कांग्रेस) , डोला सेन (तृणमूल कांग्रेस), शांता क्षेत्री (तृणमूल कांग्रेस), प्रियंका चतुर्वेदी (शिवसेना),अनिल देसाई (शिवसेना), एलामारम करीम (माकपा) और विनोय विस्वाम (भाकपा) का नाम शामिल है।
