लखनऊ(हि.स.)। आलू उत्पादक किसानों को हुई दिक्कतों को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए उत्तर प्रदेश कांग्रेस कैंपेन कमेटी के चेयरमैन पीएल पुनिया ने कहा कि बीते पांच साल में आलू उत्पादक किसानों को सिर्फ धोखा मिला है। आलू के उत्पादन क्षेत्रों के हिसाब से देखें तो देश का सबसे बड़ा आलू उत्पादक राज्य उत्तर प्रदेश है। यहां करीब 6.1 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में आलू बोया जाता है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि योगी सरकार की नीतियों के चलते साल दर साल किसान की फसल सड़ती रही और आलू उत्पादक किसानों की हालत बदतर हो गई। अच्छी पैदावार होने के बावजूद किसानों को आर्थिक हालत इसलिए खराब है क्योंकि उसकी फसल का अच्छा दाम नहीं मिल पा रहा है।
पीएल पुनिया ने कहा कि आलू का न्यूनतम भाव तय नहीं होने से किसान परेशान हैं। इस सरकार की नाकामी का नतीजा है कि हर साल किसान का आलू सड़ता है, अच्छी पैदावार को कीमत न मिलने के चलते किसान फसल को सड़कों पर फेंकने को मजबूर होता है। उन्होंने कहा कि सरकारी सहायता नहीं मिलने से किसान परेशान रहता है। आजीविका का कोई अन्य स्रोत नहीं होने और आलू बेचकर बेहतर आय न होने के चलते, किसान साहूकारों से कर्ज लेकर फसल उत्पादन करते हैं, लेकिन उनकी आशाएं चूर-चूर हो जाती हैं।
कहा कि भाजपा चुनावी वादे में आलू से चिप्स बनाने, अल्कोहल फैक्टरी लगाने और आलू पाउडर बनाने की बात कहती है, लेकिन यह सब वादे सिर्फ आलू किसानों को बरगलाने के लिए होते हैं, चुनाव के बाद इन किसानों का कोई हाल नहीं पूछता है। सरकार के वादे धरातल पर नहीं उतर सके हैं, आलू किसान परेशान हैं और सरकार उनके मुद्दों पर सुस्त पड़ी है। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में आलू उत्पादक किसानों का एक बड़ा वर्ग रहता है, लेकिन धीरे-धीरे वह खेती छोड़ रहा है क्योंकि उसे आलू की खेती कर लाभ नहीं हो रहा है।
कहा कि कांग्रेस पार्टी ने जो वादा किया है, उसे सरकार बनने के बाद पूरा किया जाएगा। कोल्ड स्टोरेज और खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ावा दिया जाएगा, हर ब्लॉक में कोल्ड स्टोरेज की व्यवस्था की जाएगी।
बृजनन्दन
