– 22 हजार 992 राजस्व वाद, 857 सिविल वाद दर्ज करते हुए 4407 एफआईआर कराई गई
-प्रदेश में चार स्तरीय एंटी भूमाफिया टास्क फोर्स का गठन कर हो रही कार्रवाई
लखनऊ (हि.स.)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का भूमाफिया के खिलाफ अभियान रंग ला रहा है। प्रदेश में भूमाफिया के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सरकारी और निजी अरबों रुपये की डेढ़ लाख एकड़ से ज्यादा भूमि खाली कराई गई है। उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी के ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया गया है। भाजपा ने ट्वीट कर कहा है कि योगी सरकार में करीब 62 हजार हेक्टेयर भूमि भू माफियाओं से खाली कराई गई है। भूमि विशेषज्ञों के मुताबिक लखनऊ शहर के बराबर जमीन खाली कराई गई है। हाल ही में सीएम योगी के निर्देश के बाद फिर भूमाफिया के खिलाफ कार्यवाही में तेजी आई है और जिले स्तर पर नए सिरे से भूमाफिया तलाशे जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2017 में प्रदेश की कमान संभालने के बाद भूमाफिया के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिए थे। जिसके बाद प्रदेश में चार स्तरीय एंटी भूमाफिया टास्क फोर्स का गठन कर कार्यवाही शुरू की गई थी। पिछले सवा चार साल में राजस्व और पुलिस विभाग ने भूमाफिया के खिलाफ सख्त कार्यवाही की है। राजस्व विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 15 अगस्त तक करीब 62 हजार 423.89 हेक्टेयर यानि एक लाख 54 हजार 249 एकड़ से अधिक भूमि को मुक्त कराया गया है। साथ ही राजस्व विभाग ने दो हजार 464 अतिक्रमणकारियों को चिह्नित करते हुए 187 भूमाफियाओं को जेल भेजा है। 22 हजार 992 राजस्व वाद, 857 सिविल वाद दर्ज करते हुए 4407 एफआईआर कराया है। जिले स्तर पर राजस्व विभाग और पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर भूमाफिया की कमर तोड़ने का काम किया है। इसके बावजूद हाल ही में सीएम योगी ने एक मामले का संज्ञान लेते हुए भूमाफियाओं के खिलाफ सख्त कार्यवाही के निर्देश दिए थे।
गणित विशेषज्ञ महेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि 62 हजार 423.89 हेक्टेयर भूमि करीब एक लाख 54 हजार 249 एकड़ और करीब 624 स्क्वायर किमी होता है। ऐसे में अगर देखा जाए, तो लखनऊ शहर भी 30 किमी लंबा और 20.8 किमी चौड़ा है। इस हिसाब से इतनी भूमि लगभग लखनऊ शहर के बराबर है।
41 भूमाफिया की संपत्ति कुर्क, 170 आरोपियों पर लगा गैंगस्टर
पुलिस विभाग के आंकड़ों के अनुसार जुलाई तक प्रदेश में 41 भूमाफिया की संपत्ति कुर्क की गई है। दो पर रासुका, 170 आरोपियों पर गैंगस्टर और 399 आरोपियों के खिलाफ गुंडा एक्ट के तहत कार्यवाही की गई है और 28 शस्त्र लाइसेंस निरस्त किए गए हैं। इसके अलावा 102 आरोपियों की हिस्ट्रीशीट भी खोली गई है।
भाजपा के निशाने पर विपक्ष
भारतीय जनता पार्टी के निशाने पर विपक्ष है। सत्ताधारी दल भाजपा विपक्ष को यह आईना दिखाने की कोशिश कर रहा है कि पूर्ववर्ती सरकारों में जो भूमि पर कब्जे हुए थे, उसे इस सरकार में खाली कराया जा रहा है। सरकार किसी के खिलाफ कार्रवाई करने में कोई गुरेज नहीं कर रही है। भारतीय जनता पार्टी और योगी आदित्यनाथ सरकार जनता के बीच यह संदेश देना चाहते हैं कि इस सरकार में अगर कोई भ्रष्टाचार और अपराध करेगा तो उसका सलाखों के पीछे जाना तय है। इसके साथ ही उनके कब्जे से जमीनें भी छुड़वाई जा रही हैं।
