-बड़ी संख्या में विश्वविद्यालय के छात्र नेता कर रहे सपा का प्रचार
-भाजपा का दावा, आजमगढ़ की जनता ने सपा को नकारा
आजमगढ़ (हि.स.)। लोकसभा उपचुनाव को लेकर सभी उम्मीदवारों ने अपनी ताकत को झोंक दिया है। भारतीय जनता पार्टी के द्वारा मंत्रियों की फौज उतारने के बाद अब समाजवादी पार्टी ने इसकी काट निकालते हुए इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बड़ी संख्या में छात्र नेताओं को चुनावी मैदान में उतार दिया है। जो गांव-गांव जाकर चुनाव प्रचार करने के साथ ही विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले पूर्व छात्रों व छात्र नेताओं से संपर्क कर समाजवादी पार्टी को वोट देने की अपिल कर रहे हैं।
आजमगढ़ लोकसभा उपचुनाव के लिए 23 जून को मतदान होना है, चुनाव प्रचार के लिए महज एक सप्ताह का समय शेष बचा है। इसके लिए सभी दलों के प्रत्याशी लगातार क्षेत्र में चुनाव प्रचार कर अपने पक्ष में वोट देने के लिए अपील कर रहे हैं। उपचुनाव में भारतीय जनता पार्टी इस चुनाव को जीतने के लिए एड़ी व चोटी का जोर लगाए हुए हैं। इसके तहत भाजपा ने अपने मंत्रियों, सांसदों की फौज आजमगढ़ में उतारी है तो दूसरी तरह भाजपा प्रत्याशी दिनेश लाल यादव निरहुआ ने भोजपुरी स्टारों को भी लगा दिया है।
वहीं, समाजवादी पार्टी ने भाजपा के मंत्रियों के चक्रव्यूह की काट ढूंढ निकाला है, पार्टी ने अपने प्रत्याशी धर्मेन्द्र यादव के चुनाव प्रचार के लिए बड़ी संख्या में इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र नेताओं के चुनावी मैदान में उतारा है। ये छात्र नेता पिछले 20 वर्षों से इलाहाबाद विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों व छात्र नेताओं से लगातार संपर्क कर उन्हें अपने पाले में करने के साथ गांव-गांव और घर-घर सपा के पक्ष में प्रचार-प्रसार कर सपा प्रत्याशी धर्मन्द्र यादव को वोट देने की अपील कर रहे हैं।
समाजवादी पार्टी लोहिया वाहिनी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, इलाहाबाद विश्वविद्यालय के छात्र संघ के अध्यक्ष व वर्ष 2022 के विधानसभा चित्रकूट से प्रत्याशी रहे हैं, वह लगातार छात्र नेताओं को एकजुट कर गांव-गांव छोटी-छोटी सभा कर रहे हैं। उनका कहना है कि धर्मेन्द्र यादव इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्र राजनीति से जुडे़ रहे हैं, इसलिए युवाओं में उनकी काफी पकड़ है। इसलिए यहां के जितने भी छात्र इलाहाबाद विश्वविद्यालय में पढ़े हैं, वे धर्मेन्द्र यादव के टच में हैं और दूसरी बात यह है कि धर्मेन्द्र यादव एक जमीनी नेता हैं जो समय-समय पर किसान, मजदूर, गरीब नौजवानों की आवाज को समय-समय पर संसद में उठाते भी रहे हैं।
आजमगढ़ जिले का कोई गांव ऐसा नहीं होगा जहां से इलाहाबाद विश्वविद्यालय में कोई छात्र नहीं पढ़ा हो और वह धर्मेन्द्र यादव के बारे में न जानता हो। धर्मेन्द्र यादव ने यहां के भी कई छात्र नेताओं को इलाहाबाद विश्वविद्यालय से चुनाव लड़वाया और जीते भी हैं। यही नहीं, तमाम सवर्ण नेता भी उनके टच में है जो इलाहाबाद विश्वविद्यालय में पदाधिकारी भी रहे हैं। वे सभी धर्मेन्द्र यादव के लिए ही वोट मांगने का काम कर रहे हैं।
वहीं भारतीय जनता पार्टी के जिला उपाध्यक्ष हरिवंश मिश्रा का दावा है कि समाजवादी पार्टी के लोगों को आजमगढ़ की जनता ने नकार दिया है इसलिए उन्हें बाहर से छात्रों को लाकर यहां प्रचार कराना पड़ रहा है। यही नहीं, सपा प्रत्याशी धर्मेन्द्र यादव नफरत का बीज बो रहे हैं। मुबारकपुर में वे मजार पर चादर चढ़ते हैं लेकिन वही बगल में राम जानकी मंदिर में घंटी नहीं बजा रहे हैं। यहां तक की इनके समाज के लोगों ने भी इस बार इन्हें नकार दिया है। जनता समझ चुकी है आजमगढ़ का विकास निरहुआ ही कर सकता है क्योंकि जिसकी सरकार रहेगी, वही विकास करेंगे।
राजीव
