-कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान में बाधक अवरोधक हटाने का मामला
कुशीनगर (हि. स.)। कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान में बाधक बन रहे भवन स्वामियों व प्रशासन के मध्य बुधवार को हुई वार्ता बेनतीजा रही। प्रशासन ने अब सख्त रूख अपनाने का निर्णय लिया है। कुशीनगर विशेष क्षेत्र प्राधिकरण (कसाडा) के नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। प्रथम चरण में उड़ान में अवरोधक आवश्यक 10 भवन ध्वस्त किए जाएंगे। शुक्रवार को प्रशासन की टीम बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंचेगी।
बुधवार को एसडीएम वरूण कुमार पांडेय व तहसीलदार मंधाता प्रताप सिंह ने भलुही मदारी पट्टी के भवन स्वामियों से घंटों वार्ता की पर कोई हल नहीं निकल सका। भवन स्वामी भूमि के बदले भूमि की मांग पर अड़े हैं। तहसील प्रशासन केवल प्रतिकर देने की बात कर रहा है। एयरपोर्ट की जांच में डायरेक्टर जनरल सिविल एविएशन (डीजीसीए) ने उड़ान में बाधक बन रहे बेलवा दुर्गाराय एवं भलुही मदारी पट्टी के कुल 72 मकानों को हटाने के लिए एयरपोर्ट अथारिटी आफ इंडिया को निर्देशिया किया है।
अथारिटी ने इन भवनों को हटाने के लिए प्रशासन से मांग रखी। इस बीच एयरपोर्ट का उद्घाटन होने के बाद आगामी 26 नवंबर से शुरू होने जा रहे उड़ान को देखते हुए प्रशासन ने कार्रवाई तेज की है। वार्ता करने पहुंचे एसडीएम के समक्ष भवन स्वामी बैद्यनाथ दूबे, रमाशंकर दूबे, अशोक लाल श्रीवास्तव, अंबरीश लाल श्रीवास्तव, अक्षयबर दूबे, श्रीकांत प्रजापति, जगलाल प्रजापति, वरूण श्रीवास्तव आदि ने भूमि के बदले भूमि की मांग करते हुए अन्य कोई भी विकल्प मानने से साफ इंकार कर दिया।
उनका कहना था कि भवन का प्रतिकर तो प्रशासन दे रहा है पर भवन बनाने के लिए भूमि नहीं दे रहा। ऐसे में वार्ता का कोई मतलब नहीं है। एसडीएम पांडेय ने कहा कि अब भूमि स्वामियों से कोई वार्ता नहीं होगी। प्रथम चरण में 10 अवरोधकों को ध्वस्त किया जाएगा। इसके बाद कसाडा के नियमों के तहत कार्रवाई होगी।
