Saturday, April 11, 2026
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भगवान श्रीराम की तपोभूमि चित्रकूट में मंदाकिनी गंगा का अवतरण दिवस मनाया

– कामदगिरि प्रमुख द्वार के महंत मदन गोपाल महाराज की मौजूदगी में हुई मंदाकिनी का पूजन

– मंदाकिनी गंगा के प्राकृतिक स्वरूप को बचाने का लिया गया संकल्प

चित्रकूट (हि.स.)। भगवान श्रीराम की तपोभूमि चित्रकूट में मां गंगा का ‘अवतरण’ दिवस गंगा दशहरा का पर्व बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। इस मौके कामदगिरि प्रमुख द्वार के महंत मदन गोपाल दास महाराज के नेतृत्व में संतों एवं राजनेताओं द्वारा मंदाकिनी गंगा का पूरे विधि विधान के साथ पूजन अर्चन किया गया। साथ ही मंदाकिनी को स्वच्छ, निर्मल और अविरल बनाने का संकल्प लिया गया।

ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि के दिन मां गंगा का अवतरण पृथ्वी लोक पर हुआ था। इसी दिन को गंगा दशहरा के रूप में स्नान-दान के रूप में मनाया जाता है। इस पावन अवसर पर चित्रकूट के रामघाट स्थित आरती स्थल पर कामदगिरि प्रमुख द्वार चित्रकूट के महंत मदन गोपाल दास महाराज, महंत ओंकार दास महाराज, भाजपा जिलाध्यक्ष चंद्र प्रकाश खरे, वरिष्ठ नेता जगदीश गौतम आदि सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में पूरे विधि विधान और वैदिक मंत्रोचार के साथ मंदाकिनी गंगा का पूजन किया।

इस मौके पर कामदगिरि के महंत मदन गोपाल दास महाराज ने बताया गंगा के पृथ्वी पर अवतरण दिवस को पूरे देश में हर्षोल्लास के साथ गंगा दशहरा के रूप में मनाया जाता है। बताया कि चित्रकूट की मंदाकिनी गंगा का अपना अलग ही गौरवशाली इतिहास है। माता सती अनुसुईया के तपोबल से धरती पर मानव जीवन की प्यास बुझाने के लिए मंदाकिनी गंगा का अवतरण हुआ था। मान्यता है कि इस शुभ तिथि को गंगा नदी में डुबकी लगाने से हर तरह के पापों से मुक्ति मिल जाती है।

बताया कि आज जीवन दायनी मां मंदाकिनी से सर्व धर्म समाज, राष्ट्र एवं विश्व को वैश्विक महामारियों से बचाने एवं स्वास्थ्य रखने की कामना माता मंदाकिनी से की गई। भाजपा जिलाध्यक्ष चंद्र प्रकाश खरे ने बताया कि धर्म नगरी चित्रकूट में मंदाकिनी गंगा का अवतरण दिवस मनाया जा रहा हैं। आज संतों, महंतों की मौजूदगी में मां मंदाकिनी के प्राकृतिक स्वरूप को बचाने के लिए सभी को संकल्प दिलाया गया।

रतन

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