– केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय की टीम ने किया भूमि का निरीक्षण
कुशीनगर(हि.स.)। राज्य के बौद्ध सर्किट में इको टूरिज्म को विस्तार देने के लिए प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के अधिकारियों ने सर्किट के जिलों में सर्वेक्षण कार्य शुरू कर दिया है। कुशीनगर, श्रावस्ती व कपिलवस्तु का चयन किया गया है।
पर्यटन मंत्रालय व जिला प्रशासन के अधिकारियों ने सोमवार को कुशीनगर में ईको टूरिज्म की संभावना वाली स्थलों का निरीक्षण किया। बौद्ध सर्किट में पर्यटकों का आकर्षण और बढ़ाने के लिए इस योजना को लागू किया गया है। योजना के तहत पर्यटकों को प्राकृतिक वातारण में ठहराया जाएगा। पर्यटक स्थलों पर प्रयागराज के संगम तट की तर्ज पर टेंटेज एकोमोडेशन की व्यवस्था की जाएगी।
कुशीनगर में लगभग चार एकड़ में टेंटेज एकोमोडेशन की व्यवस्था करने की योजना है। इस टेंट में पर्यटकों के लिए लक्जरी व्यवस्था उपलब्ध रहेगी। अधिकारियों की टीम ने बुद्धस्थली में तीन स्थलों का निरीक्षण किया। टीम ने थाई बुद्धिस्ट मोनास्ट्री के सामने, मैत्रेय प्रोजेक्ट स्थल व रामाभार पुल के निकट का स्थान देखा।
क्षेत्रीय पर्यटक अधिकारी रविन्द्र कुमार ने बताया कि इस योजना के लिए राज्य सरकार भूमि उपलब्ध कराएगी और केंद्र सरकार बजट देगी। इसका पहला निरीक्षण कुशीनगर में हुआ है। इसके बाद कपिलवस्तु व श्रावस्ती का स्थलीय निरीक्षण होगा।
निरीक्षण के दाैरान एसडीएम कल्पना जायसवाल, भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय नई दिल्ली के क्षेत्रीय निदेशक अनिल ओरान, सहायक निदेशक वाराणसी अमित कुमार गुप्त, इओ प्रेमशंकर गुप्त, पर्यटक सूचना अधिकारी डा. प्राण रंजन, लेखपाल नीलेश रंजन राव शामिल रहे।
गोपाल
