– घट रही विदेशी पर्यटकों की संख्या,जनवरी माह में बुकिंग हुई कम
कुशीनगर(हि. स.)। अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध पर्यटन केंद्र कुशीनगर में विदेशी पर्यटकों के आने का सिलसिला थमने लगा है। जनवरी माह में पर्यटकों की संख्या आंशिक दिख रही है। होटलों में पर्यटकों के इक्का दुक्का ग्रुप ही बुक हैं। पर्यटन उद्यमी इसका कारण कोविड-19 के प्रसार की संभावना, अत्यधिक ठंड और मेहमान देशों की डांवाडोल अर्थव्यवस्था को बता रहे हैं।
बौद्ध क्षेत्र का पर्यटन सीजन अक्टूबर से मार्च तक है। कोविड के दौर से उबरने के बाद चालू सत्र में पर्यटकों की आमद देखकर उद्यमियों में आस बढ़ गई थी। नवम्बर दिसम्बर में स्थिति आशा के अनुकूल रही। तीन माह में मुख्य रूप से वियतनाम के 2000, दक्षिणी कोरिया के 800, यूरोपीय देशों के 300, सिंगापुर मलेशिया के 200, थाईलैंड के 300 समेत अन्य बौद्ध देशों के पर्यटकों ने कुशीनगर के महापरिनिर्वाण मन्दिर समेत अन्य पुरातात्विक महत्व के स्थलों को देखा व दर्शन पूजन किया। इससे उद्यमियों में उम्मीद बंध गई थी कि पूर्व के वर्षों के भांति तो नहीं किंतु चालू सत्र में स्थिति संतोषजनक रहेगी। अगले सत्र से पूर्व की स्थिति बहाल हो जायेगी। जनवरी माह में फ्लो टूटता देख उद्यमियों में निराशा छा गई है।
द रायल रेजीडेंसी ग्रुप के महाप्रबंधक पंकज कुमार सिंह बताते हैं कि थाईलैंड,कोरिया व वियतनाम के पर्यटकों के आने के पीछे उन देशों द्वारा क्वारंटाइन की अनिवार्य बाध्यता समाप्त कर देना था। किंतु अब पुनः सख्ती बढ़ी है। श्रीलंका के पर्यटक अपने देश की खराब अर्थव्यवस्था के कारण नहीं आ रहे। जापान ने नियमों अभी ढील नहीं दी है,जिससे निराशा के बादल छाए हैं।
विदेशी निवेशकों ने भी किया था दौरा: पर्यटन की स्थिति में सुधार होता देख 27 सितम्बर को विदेशी निवेशकों का समूह भी आकर्षित हुआ। बौद्ध सर्किट में दो अरब डालर निवेश की संभावना के दृष्टिगत अमेरिका, वियतनाम, दक्षिण कोरिया, गुयाना, जापान, कंबोडिया की 25 कम्पनियों के सीईओ ने कुशीनगर का दौरा किया था। निवेशकों ने पर्यटन उद्यमियों, जिला प्रशासन व पर्यटन अधिकारियों समेत जनप्रतिनिधियों से फीड बैक लिया था। निवेशक समूह की मंशा थीम पार्क, लाइट एंड साउंड शो, रिसार्ट, वेलनेस सेंटर, कौशल विकास, फिल्म व मीडिया के क्षेत्र निवेश की संभावना तलाशी थी।
गोपाल
