मुंबई(हि.स.)। बॉम्बे हाई कोर्ट ने आईसीआईसीआई-वीडियोकॉन ऋण धोखाधड़ी (बैंक लोन घोटाला) मामले में वीडियोकॉन समूह के अध्यक्ष वेणुगोपाल धूत को शुक्रवार को जमानत दे दी है। हाईकोर्ट की न्यायाधीश रेवती मोहिते ढेरे और न्यायाधीश पीके चव्हाण की खंडपीठ ने यह आदेश जारी किया है। वेणुगोपाल की जमानत याचिका पर 13 जनवरी को सुनवाई के बाद खंडपीठ ने फैसला सुरक्षित रखा था। इससे पहले इसी खंडपीठ ने आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व एमडी और सीईओ चंदा कोचर और उनके पति दीपक कोचर को 9 जनवरी को जमानत दी थी।
सेंट्रल इंवेस्टिगेशन ब्यूरो (सीबीआई) ने बैंक लोन घोटाला मामले में पहले चंदा कोचर औ्र उनके पति दीपक कोचर को गिरफ्तार किया था। इसके बाद सीबीआई ने वेणुगोपाल धूत की 26 दिसंबर को गिरफ्तारी की गई थी। चंदा कोचर और दीपक कोचर को जमानत मिलने के बाद आज वेणुगोपाल धूत को भी जमानत मिल गई है।
सीबीआई का आरोप है कि 2012 में चंदा कोचर के नेतृत्व में आईसीआईसीआई बैंक ने वीडियोकॉन ग्रुप को 3250 करोड़ रुपये का कर्ज दिया। उसके बाद वेणुगोपाल धूत की अध्यक्षता वाली सुप्रीम एनर्जी ने मैसर्स न्यूपॉवर रिन्यूएबल्स को 64 करोड़ रुपये का कर्ज दिया। इस कंपनी में दीपक कोचर की 50 फीसदी हिस्सेदारी थी। आईसीआईसीआई बैंक और वीडियोकॉन के शेयरधारक अरविंद गुप्ता ने प्रधानमंत्री, रिजर्व बैंक और सेबी को पत्र लिखकर विस्तार से बताया कि किस तरह वीडियोकॉन के चेयरमैन वेणुगोपाल धूत को आईसीआईसीआई की सीईओ और एमडी चंदा कोचर ने लोन मामले में फायदा पहुंचाया। अरविंद गुप्ता के पत्र के बाद इस मामले की गहन छानबीन सीबीआई कर रही है।
राजबहादुर/सुनीत
