लखनऊ (हि.स.)। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने शनिवार को कहा कि सरकार बैंक निजीकरण पर पुनर्विचार करे।
पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा कि बसपा गरीब मेहनतकश जनता का दु:ख दर्द समझती है। इसलिए पूंजीपतियों के धन में विकास के बजाय देश की पूंजी में विकास चाहती है ताकि आमजन व देश का भला हो सके।
बसपा अध्यक्ष ने कहा कि सरकारी बैंकों के निजीकरण की समर्थक नहीं जबकि भाजपा जल्दबाजी कर के निजीकरण में ही व्यस्त है। यह अति दुखद है। बैंकों के निजीकरण के विरुद्ध नौ लाख बैंक कर्मचारियों द्वारा अपनी वेतन कटवाकर भी 16-17 दिसम्बर को की गई दो दिवसीय देशव्यापी हड़ताल, किसानों के आंदोलन की तरह जुझारू एवं प्रेरणादायी है।
जोर देते हुए कहा कि सभी को अपने हक के लिए संघर्ष करना होगा। बसपा यह मांग करती है कि बैंक निजीकरण पर सरकार पुनर्विचार करे।
शरद
