वाराणसी(हि.स.)। बैंकों के निजीकरण के खिलाफ यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंकर्स यूनियन (यूएफबीयू) के आह्वान पर लगातार दूसरे दिन मंगलवार को भी बैंक कर्मियों की हड़ताल जारी रही। दो दिवसीय हड़ताल में बैंक के कर्मचारियों ने सार्वजनिक क्षेत्र के विभिन्न बैंकों के शाखाओं एवं अंचल कार्यालयों के बाहर जमकर प्रदर्शन किया।
मकबूल आलम रोड स्थित पीएनबी के आंचलिक कार्यालय में ट्रेड यूनियन के नेताओं के नेतृत्व में प्रदर्शन कर सरकार पर निशाना साधा। लगातार दूसरे दिन हड़ताल से बैंकों में नकद क्लियरेंस, ड्राफ्ट, आरटीजीएस, नेफ्ट आदि कार्य नहीं हो पाये। दो दिनों में अकेले वाराणसी में लगभग 800 करोड़ से अधिक का लेन-देन प्रभावित हुआ। 30 हजार से अधिक चेक का क्लियरेंस भी रुका रहा। बैंक यूनियन के नेताओं अभिषेक श्रीवास्तव, अमिताभ भौमिक, संजय शर्मा ने बताया कि हड़ताल में पूरे पूर्वांचल में दो दिन में 1,600 करोड़ से अधिक का लेन-देन प्रभावित हुआ।
उन्होंने कहा कि बैंकों के निजीकरण से बैंक व कर्मियों के साथ ही ग्राहकों को भी परेशानी होगी। हड़ताल में वाराणसी के विभिन्न बैंकों के 3,500 कर्मचारियों ने हिस्सेदारी की। नेताओं ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाकर कहा कि सरकारी बैंकों ने सबसे ज्यादा जन-धन योजना के तहत खाता खोले। मुद्रा योजना व पीएम स्वनिधि के तहत लोन देने का कार्य भी पूरी ईमानदारी से किया गया।
