वाराणसी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में पूर्ण शराब बन्दी की मांग तथा कन्या भ्रूण हत्या, यौन उत्पीड़न, दहेज़, बाल विवाह जैसे सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ रविवार को बेटियों ने मिर्जामुराद में रैली निकाली।
रैली कोसड़ा जीटी रोड मिर्जामुराद होते हुए लालपुर चट्टी से राने गांव तक निकाली गयी। रैली में शामिल लड़कियां और महिलाएं शराब बिक्री पर रोक लगाओ, बाल विवाह पर रोक लगाओ, तिलक दहेज़ छोड़ो जाति-पांती तोड़ो, भीख नहीं अधिकार चाहिए, जीने का सम्मान चाहिए,औरत भी जिन्दा इंसान नहीं भोग की वह सामान,कन्या भ्रूण हत्या बंद करो,का नारे लगाये। रैली के बाद लोक समिति वाराणसी और आशा ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में लालपुर (राने) गांव में सम्मा माता मंदिर परिसर में बालिका महोत्सव का आयोजन किया गया। महोत्सव में लड़कियों ने बालिका अधिकार पर सभा व सांस्कृतिक कार्यक्रम किया। नाटक के माध्यम से शराब की वजह से लड़कियों और महिलाओं पर हो रहे अत्याचार को और बिगड़ रहे परिवार व समाज को दिखाया। लोगों से शराब को बंद करने की अपील भी किया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र प्रसाद,महिला चेतना समिति की संयोजिका शर्मिला ने दीप जलाकर किया।
सभा में महिलाओं ने कहा कि सरकार गांंव-गांव में शराब के ठेके खोलकर लोगों को शराब पिलाकर मरने के लिए मजबूर कर रही है। आज समाज के ज्यादातर लोग शराब में डूब चुके हैं और इसका खामियाजा महिलाओं को भुगतना पड़ रहा है।
महिलाओं के ऊपर होने वाली घरेलू हिंसा, उत्पीड़न, बलात्कार, मारपीट आदि घटना का सबसे बड़ा जिम्मेदार शराब है। जनता के हित में इसे बंद किया जाए। महोत्सव में स्वराज विद्यापीठ इलाहाबाद के डॉ.स्वप्निल श्रीवास्तव ने भी विचार रखा। महोत्सव में अतिथियों का स्वागत राजकुमारी और आशा रानी ने किया। अध्यक्षता सोनी, संचालन आशा राय ने और धन्यवाद ज्ञापन अनीता ने किया।
