लखनऊ(हि.स.)। उत्तर प्रदेश की महिला,बाल विकास एवं पुष्टाहार मंत्री बेबी रानी मौर्य ने कहा कि बेटियां पढ़ें और आगे बढ़ें। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ महिलाओं के प्रति बहुत अधिक संवेदनशील हैं। वह गुरुवार को राज्य महिला आयोग की ओर से आयोजित लैंगिक असमानता विषय कार्यशाला को संबोधित कर रही थीं।
बेबी रानी मौर्य ने कहा कि महिलाओं के साथ कोई खड़ा नहीं हो रहा है। इसलिए उनका उत्पीड़न हो रहा है। महिला आयोग की सदस्य महिलाओं की आवाज बनें। राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला ने कहा कि योगी सरकार बेटियों को स्वावलंबन व सुरक्षा देने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि नारी किसी से कम नहीं है। हमारे यहां वैदिक काल में भी गार्गी व अपाला जैसी नारियां थी। अभी भी बेटियों को पढ़ने से रोका जा रहा है।
प्रतिभा शुक्ला ने कहा कि नारी का सम्मान करना पड़ेगा। आज नारी को प्रताड़ित करने का काम एक नारी ही कर रही है। इसलिए शिक्षा बहुत जरूरी है। समाज में संस्कारों का अभाव है। राज्य मंत्री असीम अरुण ने कहा कि आज महिला सुरक्षा का वातावरण बना है। इसलिए महिलाओं में आत्मविश्वास भी बढ़ा है।
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष बिमला बाथम ने कहा कि लैंगिक समानता के मामले में आज भी भेदभाव हो रहा है। शिक्षा में भी भेदभाव हो रहा है। उन्होंने कहा कि अगर भेदभाव मिट जाये तो राम राज्य का प्रादुर्भाव होगा। बिमला बाथम ने कहा कि आदिकाल में महिलाएं सशक्त थी। केन्द्र व प्रदेश सरकार महिलाओं के कल्याण व स्वावलंबन के लिए अनेक योजनाएं चला रही है।
राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने कहा कि महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण मिलना चाहिए। प्रमुख सचिव महिला एवं बाल विकास अनीता मेश्राम ने कहा कि महिलाओं का विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सरकार ने महिलाओं के लिए अनेक योजनाएं शुरू की है। इसी का परिणाम है कि प्रदेश में 1000 पुरुषों पर 1017 महिलाएं हैं। बाल विवाह में भी कमी आई है।
बृजनन्दन/दिलीप
