बलिया(हि. एस.)। बांसडीह विधायक केतकी सिंह और उनके समर्थकों द्वारा तहसीलदार को डांटने का एक वीडियो वायरल हुआ है। जिसमें न सिर्फ विधायक, बल्कि उनका एक समर्थक तहसीलदार से यह कहता हुआ दिख रहा है कि जब एक बार विधायक जी ने बोल दिया कि रुकना है तो रुक जाना पड़ेगा। नहीं तो हम तहसील में आग लगा देंगे। समर्थक का इस प्रकार का गुस्सा बांसडीह विधायक केतकी सिंह की मौजूदगी में निकल रहा है। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी इसे लेकर ट्वीट किया है।
दरअसल, तहसील के उदहा गांव में ग्राम समाज की जमीन पर अवैध कब्जे को हटाने के लिए बुधवार को तहसीलदार प्रवीण सिंह बुलडोजर लेकर पहुंचे थे। उन्होंने श्रीभगवान वर्मा द्वारा कराए जा रहे निर्माण पर बुलडोजर चलवा दिया। इसकी जानकारी विधायक केतकी सिंह को हुई तो उन्होंने तहसीलदार से पूछा। इस दौरान उनके समर्थक भी मौजूद थे। तभी उन्हीं में से एक रामपुर कला के पूर्व प्रधान राजू दूबे तहसीलदार पर बिफर पड़े। वायरल वीडियो में उन्होंने तहसीलदार से कहा है कि जब एक बार विधायक जी कह दें कि रुक जाइए तो तहसील को रुकना पड़ेगा। नहीं तो तहसील में आग लगा देंगे हम। क्या समझते हैं विधायक का मतलब आप ?” इसके पहले इसी वायरल वीडियो में विधायक केतकी सिंह तहसीलदार की क्लास लगाते हुए कह रही हैं कि यह कहती हैं कि जब आप घर गिरा ही देते तो मैं खुद ही तहसील में आग लगा देती। इस बीच तहसीलदार कह रहे थे कि मैडम मैंने आपका सम्मान रखा है। इस पर विधायक ने कहा कि आपने बुलडोजर चला दिया और आप कहते हैं कि मेरा सम्मान रखा है ? मैंने आपसे छोटी सी बात कही थी, आपने मेरा सम्मान कहां रखा ? आपके पास बुलडोजर की ताकत है और उसे लेकर चले आए। फिर तो इसी भाषा में मेरे लोग भी आपसे बात करेंगे।”
बताया जा रहा है कि भगवान वर्मा ने विधायक से इस संबंध में फरियाद की थी। जिसके बाद विधायक केतकी सिंह ने तहसील प्रशासन से गरीब व्यक्ति भगवान वर्मा के मकान को गिराने से पहले एक दिन का समय देने की बात कही थी। तब तक मामला गरमा गया। इस पूरे मामले पर पत्रकारों के सवालों के जवाब में विधायक केतकी सिंह ने कहा कि कल सुबह मेरे पास कुछ फरियादी आए और कहा कि उनके परदादा ने सौर की जमीन पर जानकारी के अभाव में मकान बना दिया था। विधायक ने कहा कि जो फरियादी आए थे उनके मकान का छप्पर टूट गया था। जिसे वे छा रहे थे। पीड़ित ने मुझसे कहा कि लेखपाल ने शनिवार को आकर मुझे गाली दी, मारा और कहा कि मैं तुम्हारा घर बुलडोजर से गिरा दूंगा। इसके बाद मैंने तहसीलदार को फोन किया और कहा कि अभी आप लोग कुछ मत कीजिए। उसे मैं डीएम के यहां भेज रही हूं। इसका कोई विकल्प निकाला जाएगा। वह गरीब व्यक्ति इसके बदले अपने खेत में जमीन देने तक को तैयार था। जैसे ही मैंने फोन रखा, तहसीलदार बुलडोजर लेकर उसके घर पहुंच गए। और उसके घर पर बुलडोजर चला कर गिरा दिया। मैं उसके घर पहुंची तो उसकी पत्नी रोने लगी। पता चला कि एक भी नोटिस नहीं दी गई जबकि हमारे मुख्यमंत्री योगी जी का साफ कहना है कि किसी भी गरीब के घर पर बुलडोजर नहीं चला सकते हैं। जब तक कि उचित कारण न हो।
शौर स्थान पर अतिक्रमण कर किए जा रहे नवनिर्माण को प्रशासन ने हटवाया
बांसडीह तहसील क्षेत्र के उदहां गांव में बुलडोजर से निर्माण कार्य गिराने की बात सोशल मीडिया के माध्यम से संज्ञान के आने के बाद एसडीएम बांसडीह दीपशिखा सिंह ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। उन्होंने बताया कि ग्राम उदहां, परगना खरीद के राजस्व अभिलेख में अंकित खाता संख्या 360 के आराजी नम्बर 618 शौर स्थान के रूप में सुरक्षित है। यहां अतिक्रमण करके पिछले दो-तीन दिनों से नवनिर्माण किया जा रहा था। तहसील प्रशासन की ओर से बार-बार मना करने के बावजूद नवनिर्माण कार्य जारी रखा गया। इस पर तहसीलदार प्रवीण सिंह के नेतृत्व में गयी राजस्व व पुलिस की टीम ने 27 अप्रैल को अतिक्रमण व नवनिर्माण को हटवा दिया।
पंकज
