लखनऊ(हि.स.)। रबी फसल की बुआई का मौसम आ गया है। कहीं खेत की जुताई हो रही है तो कहीं पर दलहन फसलों की बुआई। कृषि वैज्ञानिकों की मानें तो इस समय सबसे अधिक सावधानी बरतने की जरूरत होती है। खेतों की गहरी जुताई नहीं होनी चाहिए। गहरी जुताई से बीजों के अंकुरण में दिक्कत आती है। इसके साथ ही खेत की जुताई के समय ही गोबर की खाद मिला देना चाहिए।
कृषि वैज्ञानिक डाॅ. मुनीष का कहना है कि यह समय किसानों के लिए सबसे सावधानी बरतने वाला होता है। बीजों के अंकुरण में यदि परेशानी आ गयी तो फिर पूरा साल बर्बाद हो जाता है। बीज यदि सही उग आये तो रोग की स्थिति में उस पर दवा छिड़काव कर ठीक किया जा सकता है लेकिन यदि अंकुरित ही नहीं हुए तो फिर उसको ठीक नहीं किया जा सकता। अंकुरण के लिए नमी की सख्त जरूरत होती है।खेतों की गहरी जुताई कर दें तो नमी चली जाती है। इस कारण खेतों की गहरी जुताई नहीं करनी चाहिए।
उद्यान विभाग के उप निदेशक अनीस श्रीवास्तव का कहना है कि गोबर की खाद डालकर खेतों की जुताई करने से पैदावार बढ़ जाती है। बीज अंकुरण यदि सही हुआ तो रोग लगने की संभावना भी कम रहती है। बीजों को हमेशा उपचारित कर बुआई करनी चाहिए। इससे परेशानी नहीं होती और उपज अच्छी होती है।
उपेन्द्र/दिलीप
