सोमवार को सक्रिय मरीजों की संख्या हुई शून्य
जिलाधिकारी के अथक प्रयासों का नतीज़ा,रोजाना हो रहीं 3 हजार जांचें
ललितपुर कोरोना संक्रमण की रफ्तार अब धीमी पड़ गई है। महोबा जनपद के बाद ललितपुर बुंदेलखंड का दूसरा कोरोना मुक्त जिला बन गया है।जिलाधिकारी ए. दिनेश कुमार के प्रयासों का नतीजा रहा कि सोमवार को जिले में कोरोना का कोई भी सक्रिय मरीज नहीं है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डा. डी.के गर्ग ने बताया कि अगर सात दिनों तक कोई पाजिटिव केस नहीं मिलता है तो शासन स्तर से जनपद कोरोना मुक्त घोषित हो जाएगा।जनपद में कोरोना का पहला केस 09 मई 2020 को मिला था। जिला अस्पताल में कार्यरत कर्मचारी पाजिटिव पाए गए थे। इसके बाद कई विद्यालयों में क्वारंटाइन सेंटर बनाया गया,जहां उपचाराधीनों के संपर्क में आने वालों को रखा गया।जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भी कोरोना पाजिटिव को भर्ती कर इलाज कराया गया और कुछ मरीजों को तालबेहट स्थित कोविड अस्पतालों में भर्ती कराया गया। संक्रमण की रफ्तार थोड़ी कम होने के बाद होम आइसोलेशन की प्रक्रिया शुरू हुई। प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने गांवों में लोगों को कोरोना से बचने के तरीके बताए।महामारी रोग विशेषज्ञ डॉ देशराज ने बताया कि अब जिले में कोई भी सक्रिय केस नहीं बचा है और न ही जिले से बाहर किसी कोरोना पाजिटिव का इलाज चल रहा है।अभी तक जनपद से एंटीजन,आरटीपीसीआर और ट्रूनेट से करीब 598436 लाख सैंपल की जांच कराई जा चुकी है। इसमें करीब 594044 लाख की रिपोर्ट मिल चुकी है। 2746 की रिपोर्ट प्रतिक्षारत है। यह रिपोर्ट पिछले 04 दिनों से पेंडिंग हैं। अब तक की जांच में कुल 12700 पाजिटिव मिले हैं जिसमें 12572 लोग कोरोना को मात देकर स्वस्थ हो चुके हैं।इसमें 3429 को कोविड अस्पताल और 9143 को होम आइसोलेट किया गया था। विभाग अब भी सतर्कता बरत रहा है और रोजाना 3 हजार से अधिक लोगों की जांच की जा रही है।
बुंदेलखंड का दूसरा कोरोना मुक्त जिला बना ललितपुर
RELATED ARTICLES
