पीजी में सीटें बढ़ाने, अंतिम वर्ष में सिंगल ऑक्यूपेसी रूम देने की मांग
वाराणसी(हि.स.)। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के चिकित्सा विज्ञान संकाय के दंत चिकित्सा के छात्र पीजी की सीटों को बढ़ाने सहित अन्य मांगों को लेकर मंगलवार को धरने पर बैठ गये। छात्र बीएचयू आईएमएस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि संस्थान में उन्हें बुनियादी सुविधाएं भी नहीं उपलब्ध है।
छात्रों ने कहा कि हर साल अंतिम वर्ष में सिंगल ऑक्यूपेंसी रूम उन्हें उपलब्ध कराया जाता था। कोविडकाल के बाद उन्हें अब तक यह विशेषाधिकार नहीं मिला है। बीएचयू डेंटल फैकल्टी देश में चौथा सबसे बेहतर संस्थान है। इसके बावजूद भी हमें अपने नियमित पाठ्यक्रम के काम के लिए आवश्यक बुनियादी सामग्री उपलब्ध नहीं कराई जाती है। अधिकांश डेंटल चेयर्स भी काम करने की स्थिति में नहीं है। उपकरणों को पानी में उबालकर दोबारा उपयोग करना पड़ता है। छात्रों ने कहा कि संकाय में नौ में से केवल तीन ही विभागों के पास आटोक्लेव हैं। बाकी सिर्फ उपकरणों को उबालते हैं और अन्य रोगियों पर इस्तेमाल करते हैं। प्रैक्टिकल करने वाले लैब में साफ-सफाई में लापरवाही बरती जा रही है। धरनारत छात्रों ने कहा कि डेंटल पोस्ट ग्रेजुएशन के सीटों की संख्या महज 24 ही है। जबकि इन्हें पढ़ाने वाले प्रोफेसर और सहायक प्रोफेसरों की कुल संख्या 25 है। छात्रों की संख्या प्रोफेसरों से भी कम है। ऐसे में हर एक प्रोफेसर के अंडर में पीजी के दो छात्रों को रखा जाए। पीजी की सीटों को बढा़कर 43 किया जाए।
श्रीधर
