फरीदाबाद(हि.स.)। नूंह हिंसा के आरोप में गिरफ्तार किए बिट्टू बजरंगी की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने बयान जारी कर कहा है कि राजकुमार उर्फ बिट्टू बजरंगी, जिसे बजरंग दल का कार्यकर्ता बताया जा रहा है, उसका बजरंग दल से कभी कोई संबंध नहीं रहा। उसके द्वारा जारी किए गए वीडियो को भी विश्व हिंदू परिषद उचित नहीं मानती।
अब सोशल मीडिया पर विहिप के इस बयान को चैलेंज करते हुए बिट्टू बजरंगी की तस्वीरें जारी की गई हैं, जिसमें कहा गया- आरएसएस और उससे जुड़ी विहिप-बजरंग दल बिट्टू बजरंगी के नूंह हिंसा केस में गिरफ्तारी के बाद खुद को उससे अलग करने की कोशिश कर रहे हैं। इसके साथ में बिट्टू बजरंगी की आरएसएस वर्कर वेशभूषा में तस्वीरें और खुद को भारतीय जनता पार्टी का भावी उम्मीदवार का पोस्टर डाला गया है। बिट्टू बजरंगी को कल फरीदाबाद में उसके घर से नूंह पुलिस ने गिरफ्तार किया था। जिसके बाद उसे सुरक्षा की दृष्टि से सेफ जगह पर रखा गया है।
कुछ समय बाद उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा। बिट्टू बजरंगी पर सरकारी काम में बाधा डालने, हथियार छीनने और पुलिस से मिसबिहेव करने का आरोप लगा है। नूंह में ब्रजमंडल यात्रा से पहले बिट्टू बजरंगी ने कई भडक़ाऊ वीडियो सोशल मीडिया पर डाले थे। इस मामले में उस पर केस दर्ज हुआ था। हालांकि उसे जमानत पर छोड़ दिया गया था। इसके बाद से बिट्टू की गिरफ्तारी के लिए सोशल मीडिया पर मांग की जा रही थी। 31 जुलाई को नूंह में हुई हिंसा के बाद सदर थाने में एसीपी उषा कुंडू की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया था। जिसके बाद पुलिस टीमों ने हिंसा से जुड़े वीडियो की जांच भी की।
इस एफआईआर के आधार पर ही बिट्टू की गिरफ्तारी हुई। पुलिस द्वारा दर्ज किए केस के मुताबिक बिट्टू बजरंगी व अन्य 15-20 लोगों द्वारा महिला पुलिस अधिकारी नूंह के सामने तलवार इत्यादि हथियारों से प्रदर्शन कर नारेबाजी की गई। उन्हें समझाया गया लेकिन उग्र होकर सरकारी कार्य में बाधा डाली। पुलिस के पास उपलब्ध वीडियो से बिट्टू बजरंगी के साथियों को पहचान कर चिन्हित किया जा रहा है।
इस वारदात में बिट्टू बजरंगी के साथ जो अन्य लोग थे उनको भी गिरफ्तार किया जाएगा। हरियाणा के नूंह में 31 जुलाई को हुई हिंसा में अब तक कुल 393 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। वहीं 118 लोगों को एहतियातन हिरासत में लिया गया है। हिंसा के मामले में 160 एफआईआर दर्ज की गई हैं।
मनोज
