-उपभोक्ता परिषद ने तथ्य के साथ रखी अपनी बात, बिजली दर में बढ़ोत्तरी के आसार कम
लखनऊ (हि.स.)। बिजली कंपनियों द्वारा बिजली दरों में बढ़ोत्तरी को लेकर विद्युत नियामक आयोग की सबसे संवैधानिक कमेटी में सुनवाई पूरी हुई और फैसला सुरक्षित रख लिया। अब मई के अंतिम सप्ताह तक बिजली की नई दरें आने की संभावना बढ़ गयी है। इस मामले में एक तरफ बिजली कंपनियां दरों को बढ़ाने की मांग कर रहा है, दूसरी तरफ उपभोक्ता परिषद पूरा तथ्य पेश करते हुए बिजली दरों में कमी किये जाने की मांग की है। बहस के बाद पूरी संभावना है कि बिजली दरों में कोई बढ़ोत्तरी नहीं होगी।
सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान दो घंटे तक बहस चली। इस सुनवाई में उपभोक्ता परिषद विधिक तैयारी के साथ गया था, जिसमें बिजली दर को कम करने के लिए एक-एक तथ्य को सामने रखा। आयोग चेयरमैन ने बैठक में कहा कि बिजली कंपनियों का रेगुलेटरी असेट पहले ही खारिज हो चुका है। आगे सभी पक्षों को सुनने के बाद सभी की बातों को आयोग ने नोट किया। उसके आधार पर निर्णय किया जाएगा। बिजली कंपनियों के बढोत्तरी प्रस्ताव को केवल जनसुनवाई में दिखाया गया है। इस मामले में उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष की लामबंदी काम आयी। उनके सवालों के सामने बिजली कंपनियों के आला अधिकारी चुप्पी साधे रहे। उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णयों का भी हवाला दिया।
एक लाख से ज्यादा विभागीय कर्मचारियों के घरों पर मीटर लगाने का मुद्दा भी सलाहकार समिति की बैठक में छाया रहा। इस पर अंततः यह बात तय हुई कि बिजली कंपनियां अपना एक टाइम लाइन बताएं कि कब तक सभी के यहां मीटर लग जाएगा।
विद्युत नियामक आयोग सभागार में सुनवाई आयोग चेयरमैन आर. पी. सिंह की अध्यक्षता व सदस्य बीके श्रीवास्तव व संजय कुमार सिंह की उपस्थिति में संपन्न हुई, जिसमें प्रदेश की बिजली कंपनियों की तरफ से अपर मुख्य सचिव ऊर्जा महेश कुमार गुप्ता, अध्यक्ष पावर कारपोरेशन एम देवराज, प्रबंध निदेशक पंकज कुमार, निदेशक नेडा सहित उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा व अन्य प्रतिनिधियों ने भाग लिया। आज की बैठक से यह बात साफ हो गई कि प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं के बिजली दरों में बढोतरी की संभावना पूरी तरीके से लगभग खत्म हो गई है। अब बिजली दरों में कमी का मामला विद्युत नियामक आयोग के सामने विचाराधीन है। अब आगे देखना है कि आयोग अपने नए बिजली दर आदेश में उपभोक्ताओं को क्या लाभ देता है।
उपेन्द्र
