मेरठ (हि.स.)। प्रदेश में बिजली की दरों को बढ़ाने का विरोध शुरू हो गया है। शुक्रवार को उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल उत्तर प्रदेश के बैनर तले व्यापारियों ने ऊर्जा भवन पर प्रदर्शन किया। इसके बाद पीवीवीएनएल की प्रबंध निदेशक के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर बिजली दरों को वापस लेने की मांग की।
उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल उत्तर प्रदेश के प्रांतीय अध्यक्ष लोकेश अग्रवाल के नेतृत्व में शुक्रवार को व्यापारियों ने ऊर्जा भवन पर प्रदर्शन किया। इसके बाद पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम मेरठ की प्रबंध निदेशक चैत्रा वी. को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन दिया। ज्ञापन में व्यापारियों ने कहा कि प्रदेश में बिजली कंपनियों द्वारा बिजली की दरें 16 से 23 प्रतिशत तक बढ़ाने का प्रस्ताव दिया जाना उपभोक्ताओं के साथ छल है। उत्तर प्रदेश में बिजली दरें पड़ोसी राज्यों दिल्ली, उत्तराखंड से काफी अधिक है। वाणिज्य (एलएमबी-2) के उपभोक्ता से फिक्स चार्ज और मिनिमम चार्ज दोनों वसूले जा रहे हैं। इससे इस श्रेणी के उपभोक्ताओं की बिजली पहले ही बहुत महंगी है। बिजली की दरें और बढ़ाए जाने से उद्योग और व्यापार पर बुरा असर पड़ेगा। आम जनता के हित में बिजली की बिजली की प्रस्तावित दरों को ना बढ़ाया जाए और वाणिज्य एलएमबी-2 से मिनिमम चार्ज समाप्त किया जाए।
इस अवसर पर विजय मान, राजकुमार त्यागी, निशांक अग्रवाल, सफल, अतुल्य आदि उपस्थित रहे।
कुलदीप
