– अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा अपने खर्चे पर लड़ेगी खुशी का मुकदमा
– विकास दुबे का दाहिना हाथ था खुशी का पति अमर दुबे
कानपुर(हि.स.)। सीओ समेत आठ पुलिस कर्मिर्यों की हत्या की घटना बिकरु कांड में अब जातीय राजनीति शुरु हो गयी है। रविवार को अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र नाथ त्रिपाठी पनकी पहुंचे और यहां पर बिकरु कांड की अभियुक्त खुशी दुबे के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने खुशी को बेगुनाह बताया और कहा कि महासभा अपने खर्चे पर मुकदमा लड़कर न्याय दिलायेगी। अध्यक्ष ने प्रदेश की योगी सरकार को ब्राह्मण विरोधी करार दिया। बताते चलें कि खुशी का पति अमर दुबे बिकरु कांड के मुख्य अभियुक्त रहे विकास दुबे का दाहिना हाथ था और हमीरपुर में पुलिस एनकांउटर में मारा गया था। वहीं खुशी के परिजनों से मिलने के बाद ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष महोबा के लिए रवाना हो गए।
चौबेपुर के बिकरु गांव निवासी हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे ने दो जुलाई की रात अपने गुर्गों के साथ दबिश देने गयी पुलिस टीम पर हमला कर आठ पुलिस कर्मियों की हत्या कर दी थी। इस घटना में विकास का दाहिना हाथ अमर दुबे का नाम सामने आया था और पुलिस ने आठ जुलाई को हमीरपुर के मौदहा में एनकांउटर कर अमर को मौत के घाट उतार दिया था। पुलिस ने घटना में अमर की पत्नी खुशी को भी साजिश करने का आरोप लगा अभियुक्त बनाया है, जबकि अमर की शादी घटना से तीन दिन पहले ही हुई थी। इस पर लगातार सामाजिक संगठन विरोध कर रहे हैं और रविवार को अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेन्द्र त्रिपाठी ने खुशी के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि योगी सरकार ब्राह्मणों पर अत्याचार कर रही है और इसी के चलते यूपी पुलिस ने बेगुनाह खुशी को जेल भेजा है। शादी के दो दिन बाद ही खुशी को जेल भेजकर पुलिस ने अत्याचार की पराकाष्ठा कर दी है। महासभा अध्यक्ष ने कहा कि इस सरकार में ब्राह्मणों पर हो रहे अत्याचार चरम पर हैं। उन्होंने कहा कि महासभा अपने खर्चे पर खुशी दुबे का मुकदमा लड़ेगी और खुशी को न्याय दिलाएगी। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने खुशी के परिजनों को हर संभव मदद करने का आश्वासन दिया।
ब्राह्मण विरोधी सरकार का करेंगे सामना
राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र नाथ त्रिपाठी ने खुशी के परिजनों से मुलाकात कर उनके हालचाल जाना। यह भी कहा कि, ब्राह्मण महासभा अपने खर्चे पर खुशी दुबे का मुकदमा लड़ेगी और उसको न्याय दिलाएगी। परिवार के साथ ब्राह्मण महासभा का हर एक पदाधिकारी खड़ा है और आपके साथ कदम से कदम मिलाकर बेटी को न्याय दिलाकर रहेगा। त्रिपाठी ने योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि योगी सरकार प्रतिशोध की भावना से काम कर रही है। बेगुनाह ब्राह्मण की बेटी खुशी को शादी के दो दिन बाद ही जेल भेजकर पुलिस ने अत्याचार की पराकाष्ठा कर दी है। योगी सरकार ब्राह्मण विरोधी है। इस सरकार में ब्राह्मणों पर हो रहे अत्याचार चरम पर हैं। हमें पूरा विश्वास दिलाता हूं कि ब्राह्मण विरोधी सरकार के खिलाफ हम सब डटकर खड़े हैं।
वायरल ऑडियो पर खुशी को बनाया गया था अभियुक्त
आपको बता दें कि दो जुलाई को हुए बिकरू कांड में विकास दुबे के खास अमर दुबे की पत्नी के भी शामिल होने के सबूत मिले थे। 9 जुलाई को पुलिस ने खुशी दुबे को अरेस्ट किया था। बिकरू कांड से दो दिन पहले ही 29 जून को उनकी शादी हुई थी। पहले सबूत न मिलने की वजह से साक्षी को रिहा किया जा रहा था, लेकिन बाद में एक कॉल रिकॉर्डिंग से खुशी के घटना में शामिल होने की बात सामने आई। दो सितंबर को किशोर न्याय बोर्ड ने खुशी को नाबालिग करार दिया और वर्तमान में वह बाराबंकी जिले में बाल गृह में है।
