Friday, April 10, 2026
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बासंतिक परिवेश धारण कर ठाकुर बांकेबिहारी ने खेली भक्तों संग होली

– 40 दिवसीय रंगोत्सव का हुआ शुभारंभ

मथुरा(हि.स.)। जन-जन के आराध्य श्रीबांकेबिहारी महाराज ने शनिवार बसंत पंचमी पर बासंतिक परिवेश धारण करते हुए भक्तों संग अबीर-गुलाल की होली खेलकर 40 दिवसीय होली महोत्सव का आगाज कर दिया है।

शनिवार दोपहर तक ठाकुरजी ने अपने भक्तों संग जमकर होली खेली। सेवायतों ने आराध्य के गालों पर गुलाल लगा ठाकुरजी का प्रतिनिधित्व करते हुए भक्तों पर जमकर गुलाल फेंका। इसी तरह वृंदावन के अन्य मंदिरों में भी बसंत पंचमी पर रंगोत्सव की शुरूआत हो गई है।

ठा. बांकेबिहारी मंदिर में शनिवार की सुबह वसंत पंचमी पर नजारा अद्भुत था। वसंती परिवेश में सजे मंदिर में गैंदा के फूलों के झाड़ और दीवालों पर मालाएं फाग की दस्तक की गवाही दे रही थीं। मंदिर के पट खुले तो होली के रंगों में सराबोर होने को सालभर से इंतजार कर रहे भक्तों के सब्र का बांध टूटा और मंदिर में सारी व्यवस्थाओं को ताक पर रखकर प्रवेश कर गए। भक्तों की भीड़ से खचाखच भरे परिसर में जब श्रृंगार आरती के बाद सेवाधिकारियों ने ठाकुरजी का प्रसादी गुलाल उड़ाया तो उसमें सराबोर होने को हर भक्त लालायित नजर आया। पीछे से आगे बढ़ने की जद्दोजहद में श्रद्धालुओं को धकियाते हुए देखा गया। सुबह शुरू हुआ होली का उत्सव दोपहर राजभोग आरती तक जारी रहा।

इस दौरान आज ठाकुरजी के प्रसादी गुलाल में सराबोर होने को देश दुनिया के भक्त मंदिर पहुंचें। वृंदावन के राधावल्लभ मंदिर, राधारमण मंदिर, शाह बिहारी मंदिर, राधा दामोदर, राधा श्यामसुंदर मंदिर सहित सप्त देवालयों में रंगोत्सव की शुरूआत हो गयी।

ब्रज की धरती पर बसंत पंचमी से छा जाती है होली की मस्ती

भगवान श्रीकृष्ण-राधा के अनूठे प्रेम की धरती ब्रज में रंग और उमंग का त्योहार होली बसंत पंचमी से शुरू होता है। इसी के साथ ब्रज मे चालीस दिवसीय फाग महोत्सव की मस्ती शुरू हो जाती है। आस्था के रंग में श्रद्धालु सराबोर होते हैं। मंदिरों में होली का डांडा गड़ जाता है। मंदिरों में रसिया गायन शुरू हो जाता है। बरसाना की लठामार होली में शामिल होने देश-दुनिया के श्रद्धालु आते हैं। ब्रज की होली का देश-दुनिया के श्रद्धालुओं को वर्ष भर इंतजार रहता है। बसंत पंचमी से ब्रज में होली की मस्ती छाने लगती है। भगवान श्रीकृष्ण-राधा की भक्ति में श्रद्धालु सराबोर हो जाते हैं और मंदिरों में होली के रसिया का आनंद लेते हैं। बरसाना की लठामार होली में श्रद्धालु आस्था के रंग में सराबोर हो जाते हैं। बरसाना के आसमान में सतरंगी बादल छा जाते हैं। भगवान श्रीकृष्ण-राधा की भक्ति में श्रद्धालु झूमने लगते हैं। अबीर-गुलाल के बदरा में भक्ति का रंग चढ़ जाता है। बसंत पंचमी से श्रद्धालु वसंती बयार में झूमने लगते हैं। रंगभरनी एकादशी पर मंदिरों में रंगों की होली का आनंद श्रद्धालु लेते हैं।

ब्रज की प्रमुख होली के कार्यक्रम

10 मार्च : फाग आमंत्रण महोत्सव नंदगांव, लड्डू होली बरसाना।

11 मार्च : बरसाना की लठामार होली।

12 मार्च : नंदगांव की लठामार होली।

14 मार्च : श्रीकृष्ण जन्मभूमि, श्री द्वारिकाधीश और बिहारीजी मंदिर की होली।

16 मार्च : गोकुल की छड़ी मार होली।

18 मार्च : फालेन में धधकती आग से निकलेगा पंडा।

19 मार्च : होली।

20 मार्च : नंदगांव, जाब और दाऊजी में हुरंगा।

20 मार्च : चरकुला नृत्य मुखराई।

21 मार्च : गिडोह तथा बठैन में हुरंगा।

23 मार्च : रंग पंचमी फूलडोल मेला खायरा।

महेश

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