बाराबंकी । रामसेनहीघाट तहसील के सुमेरगंज कस्बे में उपजिलाधिकारी आवास के ठीक सामने स्थित एक पुरानी मस्जिद को स्थानीय प्रशासन ने गत 17 मई की रात को कड़े सुरक्षा बंदोबस्त के बीच ध्वस्त करा दिया था। जिला प्रशासन इसे मस्जिद मानने से ही इंकार कर रहा है। हांलाकि इलाकाई लोगों का दावा है कि यह मस्जिद सौ साल पुरानी है और इसमें शुरू से ही पांच वक्त की नमाज पढ़ी जाती थी। मस्जिद ढहाए जाने के बाद बसपा एमएलसी दिनेश चंद्र की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल अपर जिलाधिकारी से मिलकर दोषियों के विरुद्ध कार्यवाही की मांग की है। प्रतिनिधिमंडल में मौजूद पूर्व एमएलसी नौशाद अली का कहना है कि यदि तत्काल इस मामले में अधिकारियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज करके उनको नौकरी से बर्खास्त नहीं किया गया तो बसपा इस मामले को सदन में उठाएगी। एमएलसी दिनेश चंद्रा ने कहा कि जिस तरह से वर्ग विशेष की भावनाओं को ठेस पहुंचाने एवं उनको सामाजिक रुप से अपमानित करने के लिए सरकार के इशारे पर जिले के अधिकारियों ने वाह-वाही लूटने के लिए विधि विरुद्ध तरीके से एकपक्षीय निर्णय लेकर मस्जिद को ध्वस्त किया गया है। जो बहुत ही निंदनीय एवं शर्मनाक है। उच्च न्यायालय द्वारा भी करोना महामारी के दौर में अवैधानिक हस्तक्षेप पर रोक लगा रखा है, उच्च न्यायालय के आदेश का भी अधिकारियों ने उल्लंघन किया है। प्रतिनिधिमंडल ने अपर जिलाधिकारी संदीप कुमार गुप्ता से मुलाकात करके विवादित स्थल पर ही पुन: मस्जिद बनाए जाने की मांग की गई है। प्रतिनिधिमंडल में प्रमुख रूप से मुख्य सेक्टर प्रभारी एमएलसी दिनेश चंद्र, नौशाद अली, अजय गौतम, मो. मुबास्सिर, विमल गौतम, फराज किदवई, तारिक किदवई, जिलाध्यक्ष अनिल गौतम, संजय सोनी, आर.पी गौतम, दिग्विजय गौतम, आसिफ खान, अरविंद यादव, आर.डी राव, रविकांत गौतम लोग प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
बाराबंकी : मस्जिद ध्वस्तीकरण ने पकड़ा तूल, बसपा प्रतिनिधि मण्डल ने एडीएम को सौंपा ज्ञापन
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