Saturday, February 14, 2026
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बाबा विश्वनाथ के गौने की जोर-शोर से तैयारी,रजत पालकी की साफ-सफाई

-बाबा के अकबरी गोटेदार पगड़ी की सजावट अन्तिम दौर में, गौरा के वस्त्रों को दिया गया भव्य रूप 
वाराणसी (हि.स.)। काशी पुराधिपति बाबा विश्वनाथ के गौने की तैयारी महंत आवास पर जोर-शोर से चल रही है। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के पूर्व महंत डॉ कुलपति तिवारी के टेढ़ीनीम स्थित आवास पर कारीगर बाबा के रजत पालकी की साफ-सफाई और सजावट में दिन रात एक कर रहे हैं। गौना में बाबा जो राजशाही अकबरी पगड़ी सिर पर बाधेंगे, उसे भी पगड़ी विक्रेता नंदलाल अरोड़ा ने लगभग तैयार कर लिया है। 
बाबा के गहने का कपड़ा और माता गौरा का कपड़ा भी कारीगर किशनलाल के साथ इंटर की छात्रा नम्रता टण्डन बना रही है। नम्रता ने माता के कपड़े पर हाथ से आकर्षक कढ़ाई की है। शनिवार की शाम पूर्व महंत डॉ.कुलपति तिवारी ने बताया बाबा के लिए खादी के शाही वस्त्र बनकर तैयार हैं। बाबा के परिधानों की सिलाई टेलर मास्टर किशनलाल ने की है। विगत दो दशक से वहीं बाबा के परिधान सिल रहे हैं। इस बार परिधान निर्माण में उनकी शिष्या इंटर की छात्रा नम्रता टण्डन ने सहयोग किया है। 
बाबा की अकबरी पगड़ी केशवदास मुकुंदलाल गोटावाले नारियल बाजार चौक की ओर से सजाई जाती है। पगड़ी को आकार मोहम्मद गयासुद्दीन देते हैं। फर्म के संचालक नंदलाल अरोड़ा ने बताया कि जो पगड़ी बाबा धारण करते हैं,वह हमारे पूर्वजों के समय से बनती आ रही है। इसकी साजसज्जा, कलगी पर जरी की बूटी, नगीना हम अपने हाथ से सजाते हैं।
-रविवार से गौना के रस्मों का आगाज24 मार्च रंगभरी एकादशी पर बाबा विश्वनाथ के गवना की रस्म से पहले लोकाचार की शुरुआत 21 मार्च रविवार सेे टेढ़ीनीम स्थित नवीन महंत आवास पर होगी। पहले दिन गीत गवना होगा। दूसरे दिन 22 मार्च को गौरा का तेल-हल्दी होगा। 23 मार्च को बाबा का ससुराल आगमन होगा। बाबा के ससुराल आगमन के अवसर पर विश्वनाथ मंदिर महंत परिवार के सदस्य श्रीशंकर त्रिपाठी ‘धन्नी महाराज’ के आचार्यत्व में 11 ब्राह्मणों द्वारा स्वस्तिवाचन, वैदिक घनपाठ और दीक्षित मंत्रों से बाबा की आराधना कर उन्हें रजत सिंहासन पर विराजमान कराया जाएगा। 
पूर्व महंत ने बैठक कर तैयारियों का लिया जायजा बाबा विश्वनाथ के गौना को लेकर पूर्व महंत डॉ. कुलपति तिवारी ने अपने आवास पर बैठक कर तैयारियों का जायजा लिया। देवाधिदेव महादेव के गौना कार्यक्रम रंगभरी एकादशी के महत्व, दिव्यता व भव्यता को बताया। “मैं ब्राह्मण हूं” समिति को इस महापर्व के आयोजन में सह आयोजक के कार्यभार के लिए निर्देशित भी किया। पूर्व महंत ने महामारी कोरोना के प्रकोप को ध्यान में रखते हुए, जिला प्रशासन की गाइड लाइन के अनुसार लोगों से कोविड प्रोटोकाल के पालन का आह्वान किया। बैठक में धन्नी महाराज, भानु गुरु, मैं ब्राह्मण हूं परिवार से अध्यक्ष अजीत त्रिपाठी, मनोज शुक्ल और अनुराग पाण्डेय शामिल रहे।

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