बागपत (हि.स.)। कृषि कानून अध्यादेश के एक साल पूरा होने के अवसर पर शनिवार को भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने इसके खिलाफ लड़ाई जारी रखने का ऐलान किया है। जिले के विभिन्न स्थानों पर किसानों ने विरोध जताया। इस मौके पर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर को सौंपा।
भाकियू ने कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर कृषि तीनों कृषि कानूनों की छाया प्रतियों को फाड़कर फेंका। वहीं, अन्य किसान संगठनों ने ज्ञापन दिए। पुलिस व्यवस्था भी सतर्क रखी गई। दोपहर कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन और कृषि कानूनों की प्रतियों को फाड़ने के बाद शाम तक धरना चलता रहा।
भाकियू जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह गुर्जर ने कहा कि तीनों कृषि कानून किसान विरोधी है। रद्उ होने तक आंदोलन चलेगा। एक साल में भी सरकार ने कानून को लेकर कोई फैसला नहीं लिया है। अब किसान आंदोलन को और तेज करेंगे।
उधर, किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अनु मलिक के नेतृत्व में किसानों ने बागपत तहसील पर प्रदर्शन कर तीनों कृषि कानून रद्द करने तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानूनी दर्जा देने की मांग की।
