बांदा(हि.स.)। एक सप्ताह बाद भी भाजपा नेता के नाबालिग पुत्र अमन त्रिपाठी की हत्या की गुत्थी सुलझाने में पुलिस नाकाम भाजपा के सेक्टर संयोजक संजय त्रिपाठी और पूर्व सभासद मधु त्रिपाठी के नाबालिग पुत्र अमन त्रिपाठी की हत्या का मामला उलझता चला जा रहा है। एक सप्ताह बाद भी पुलिस हत्या की गुत्थी सुलझाने में नाकाम रही है, जिससे आईजी चित्रकूट रेंज ने जांच पुलिस अधीक्षक को सौंप दी है। वही, मृतक के परिजन पुलिस पर लगातार हत्यारों को बचाने का आरोप लगा रहें है और इस मामले में सांसद व क्षेत्रीय विधायक की चुप्पी मामले को पेचीदा बना रही है।
शहर कोतवाली क्षेत्र के मुहल्ला बंगालीपुरा निवासी संजय त्रिपाठी का पुत्र कक्षा नौ का छात्र अमन 11 अक्टूबर को घर से निकलने के बाद लापता हो गया था। जिसमें परिजनों ने कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी। 12 अक्टूबर को उसका मोबाइल दरदा गांव के मजार के पास व स्कूटी आगे कनवारा बाईपास हाइवे के पास मिली थी। 13 अक्टूबर को शव मिलने बाद परिजनों ने अपहरण कर हत्या व चेहरा जलाने का प्रयास करने का आरोप लगाया था। पिता का आरोप है कि उसके कपड़े व स्कूटी-मोबाइल अलग-अलग जगह मिले हैं। अपहरण के बाद पीटकर गला घोटकर हत्या की गई है। पीटने की वजह से उसके सीने, पेट व पैर में चोट के निशान भी मिले हैं। घटना के बाद मृतक की स्कूटी घटनास्थल से 03 किलोमीटर दूर और शर्ट घटनास्थल से 06 किलोमीटर दूर नरैनी रोड पर दीप ढाबे के पास मिलने से हत्या कर पुलिस को गुमराह करने की साजिश पता चलती है।
अमन त्रिपाठी को उसके सात नाबालिग दोस्त जन्मदिन पार्टी के नाम पर अपने साथ ले गए थे और केन नदी के किनारे पार्टी की गई, जहां कुछ लोगों ने शराब और बीयर का भी सेवन किया था इसलिए यह तय है कि हत्या में उनके नाबालिग दोस्तों का ही हाथ हो सकता है। इसलिए पुलिस ने उनके नाबालिक दोस्तों को कोतवाली बुलाकर एक एक से अलग-अलग पूछताछ की। जिसमें उनके दोस्तों ने बताया कि नहाते समय उसकी डूबने से मौत हुई है और स्कूटी व शर्ट इधर-उधर मिलने की बात पर उन्होंने सफाई दी। बताया कि इस घटना के बाद वह डर गए थे इसलिए स्कूटी वगैरा इधर-उधर डाल दी थी। पुलिस ने उनके दोस्तों की बातों को आधार मानते हुए स्पष्ट कर दिया कि अमन की मौत पानी में डूबने से हुई थी। कोतवाली प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह बार-बार यही तर्क दे रहें हैं कि हत्या पानी में डूबने से हुई है।
