फिरोजाबाद (हि.स.)। न्यायालय ने दहेज की मांग और बहू को आत्महत्या के लिए प्रेरित करने के दोषी मां-बेटा को 7-7 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। उन पर अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड न देने पर उन्हें अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
जनपद इटावा थाना जसवंतनगर यह गांव धरवार निवासी सुनील कुमार ने अपनी बहन रजनी की शादी थाना नगला खंगर के आटे पुर निवासी राहुल पुत्र राम शरण के साथ की थी। शादी के बाद अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर ससुराली जन उसकी बहन का उत्पीड़न करते थे। सुनील का आरोप था पति राहुल तथा सास उषा देवी उसकी बहन रजनी के साथ मारपीट करते हैं।
23 अप्रैल 2018 को रजनी की जलकर मौत हो गई। भाई सुनील ने ससुरालियों के खिलाफ जलाकर मार डालने का मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने विवेचना कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया।
मुकदमा सेशन जज हरवीर सिंह की अदालत में चला। अभियोजन पक्ष की तरफ से मुकदमे की पैरवी कर रहे डीजीसी राजीव प्रियदर्शी ने बताया मुकदमे के दौरान कई गवाहों ने गवाही दी। कई साक्ष्य न्यायालय के सामने प्रस्तुत किए गए। गवाहों की गवाही तथा साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने राहुल तथा उषा देवी को दोषी माना।
न्यायालय ने दोनों को 7-7 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। न्यायालय ने उन पर 7-7 हजार रुपया अर्थदंड लगाया। अर्थदंड न देने पर उनको 6-6 माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
कौशल
