एमपी एमएलए कोर्ट ने सुनाया फैसला
आजमगढ़(हि.स.)। जिले बहुचर्चित कांग्रेसी नेता व अधिवक्ता राजनरायण सिंह हत्याकांड के साढे़ सात वर्ष बाद एमपीएमएलए कोर्ट ने पूर्व मंत्री अंगद यादव सहित चार हत्यारोपियों को आजीवन कारावास व 20-20 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई।
19 दिसम्बर 2015 को कांग्रेस के नेता व अधिवक्ता राजनरायण सिंह की मुसेपुर रेलवे क्राॅसिंग के पास बाइक सवार बदमाशों ने दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस घटना में मृतक राजनारायण सिंह की पत्नी सुधा सिंह ने पूर्व मंत्री अंगद यादव एवं बरदह क्षेत्र के सम्मोपुर ग्राम निवासी सुनील सिंह व अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। पूर्व मंत्री अंगद यादव ने इसके कुछ दिन बाद ही सिधारी थाने में आत्मसर्पण कर दिया था। इस समय वे जेल में बंद हैं। इसी मामले में गैंगस्टर एक्ट के तहत जनवरी 2023 में पूर्व मंत्री की करीब 40 लाख रुपये की संपत्ति प्रशासन ने कुर्क कर ली थी।
मामले की सुनवाई आजमगढ़ के एमपीएमएलए कोर्ट में चल रही थी। इस मामले में पुलिस ने अंगद यादव, शैलेश यादव, सुनील सिंह व अरुण यादव के विरुद्ध चार्जशीट न्यायालय में प्रस्तुत किया। अभियोजन पक्ष की तरफ से सहायक शासकीय अधिवक्ता दीपक मिश्रा ने कुल 18 गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद एमपीएमएलए कोर्ट ने पूर्व मंत्री अंगद यादव, सुनील सिंह, अरुण यादव और शैलेश उर्फ टेनी को दोषी पाया और चारों को आजीवन कारावास व 20-20 हजार रुपये के जुर्माने की सजा दी।
राजीव
