बहराइचः हरदोई जिले के देहात कोतवाली के गुलामऊ के मजरे लाला पुरवा, निवासी रामवीर पाल 2016 बैच का सिपाही है। इस समय उसकी तैनाती विशेश्वरगंज थाने में है। 20 मई को उसकी बहन की शादी थी। वह 14 दिन की ईएल लेकर अपने गृह जनपद गया था। वह 10 मई को अपने जिले हरदोई की पिहानी चुंगी चौकी के पास एक किराने की दुकान पर सामान लेने गया। एक दिन पहले दुकानदार को पर्चा दे दिया था। दुकान में सामान पैक कर रखा था। रामवीर पाल ने कोरोना कर्फ्यू के चलते पिहानी चुंगी पुलिस पिकेट पर बैठे दीवान को अपना परिचय देकर बताया कि बहन की शादी का सामान दुकान में पैक रखा है 10 मिनट में दुकान से निकलवा कर ले जाना चाहता है।
चुंगी चौकी से निकलकर वह दुकान पहुंचा और रिक्शे पर सामान रखवा रहा था। इसी दौरान दूसरे दीवान बाइक से पहुंचे और रिक्शे वाले पर डंडे बरसाने लगे। रामवीर ने उन्हें रोककर अपना परिचय देकर बहन की शादी का हवाला दिया। उसने यह भी बताया कि वह पिकेट पर मौजूद दीवान व होमगार्ड को बताकर आया है। तब तक पिकेट से दीवान भी डंडा लहराते हुए पहुंचे और रामवीर पाल, रिक्शा चालक व किराना दुकानदार.से गाली गलौज करने लगे, और दुकान का शटर बंद करा दिया।
मजबूरन उसे आधा अधूरा सामान लेकर जाना पड़ा। एसपी को भेजे इस्तीफे में रामवीर पाल ने लिखा है कि गांव के लोगों के सामने हमपेशा पुलिस कर्मियों ने जो बर्ताव किया, उससे वह काफी आहत है। 23 मई को उनकी थाने पर वापसी थी। रामवीर पाल ने लौटने से असमर्थता जताते हुए सिपाही के पद से एसपी को अपना इस्तीफा भेज दिया है।
सिपाही रामवीर पाल के इस्तीफे का मामला संज्ञान में आया है। मामले की जांच और कार्रवाई के लिए उसकी शिकायत मैंने एसपी हरदोई को भेज दिया है। हो सकता है कि इस्तीफा देने का उसका निर्णय इमोशनल हो। मैं इस मामले को देख रही हूं।
