बलिया (ईएमएस)। पूर्व मंत्री अंबिका चैधरी ने कहा कि उनके और उनके जिला पंचायत अध्यक्ष बेटे समेत 10 लोगों पर नामजद समेत सैकड़ों अज्ञात लोगों पर सत्ता के दबाव में केस दर्ज किया गया। उन्होंने कहा कि चुनाव हारने के बाद भाजपा के लोगों ने अपने कुछ लोगों को सपा कार्यकर्ताओं की भीड़ में भेजकर नारेबाजी करायी ताकि फर्जी मुकदमा कराकर सपा को बदनाम किया जा सके। जो व्यक्ति मुख्य रूप से नारा लगाते और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते वायरल वीडियो में दिख रहा है, उसकी तस्वीर सांसद नीरज शेखर, राज्यमंत्री उपेन्द्र तिवारी व आनंद स्वरूप शुक्ल के साथ अलग-अलग समय पर हैं।
उन्होंने कहा कि सपा से उसका कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि नवनिर्वाचित अध्यक्ष आनंद चैधरी को खुद पुलिस ने उनके आवास पर छोड़ा जबकि मुकदमे में लिखा गया है कि वह विजय जुलूस का नेतृत्व कर रहे थे। इससे बड़ी हास्यास्पद बात कुछ और नहीं हो सकती है। उन्होंने फर्जी मुकदमा वापस लेने व गिरफ्तार किए गए निर्दोष लोगों को तत्काल छोड़ने की मांग की। उन्होंने कहा कि सारी चीजें एक सप्ताह के अंदर ठीक नहीं हुईं तो उसके बाद सपा सड़क पर उतरकर बड़ा आंदोलन करने को बाध्य होगी। पूर्व मंत्री ने कहा कि चुनाव जीतने के लिए भाजपा ने सारी कुचेष्टा की। कहा कि उनके खिलाफ 10 थानों में तहरीर दी गयी। वादी खुद आकर कहा कि उसे कोई कहीं नहीं ले गया था। इसके बाद भी बांसडीहरोड थाने में उनके खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज किया गया।
बलिया : सत्ता के दबाव में दर्ज किया गया मामला, भाजपाईयों ने ही की थी नारेबाजी-पूर्व मंत्री अंबिका चैधरी
RELATED ARTICLES
