बलिया(हि.स.)। कोरोना की दूसरी लहर अभी गई नहीं कि तीसरी लहर के संकेत मिलने लगे हैं। बावजूद इसके लोग शहर में ऐसे उमड़ रहे हैं, मानो कोरोना का कोई डर ही नहीं। सोमवार को बलिया शहर में कुछ ऐसा ही नजारा देखा गया। समूचा शहर ऐतिहासिक जाम की चपेट में आकर घंटों रेंगता रहा।
जिले में कोरोना के नए केस नहीं मिल रहे। दो दिन पहले तक कोरोना का एक एक्टिव केस था। शायद इसे लोगों ने कोरोना के खात्मे के संकेत मान लिया है। क्योंकि सोमवार को शहर में जाम की जो स्थिति दिखी, वह डराने वाली थी। दोपहर में चिलचिलाती धूप में आसमान से अंगारे बरस रहे थे। जबकि शहर में लोग उमड़ पड़े थे। हालात ये बन गए कि जाम में जो भी फंस गया, वह घंटों थमा रहा। शहर का दिल कहे जाने वाले चित्तू पाण्डेय चौराहे पर लगने वाली चारों सड़कों पर जाम इतना भीषण था कि अन्य छोटे-बड़े वाहन तो दूर कई एम्बुलेंस भी फंस गए। पुलिस भी बेबस नजर आयी। शहर का एकमात्र ओवरब्रिज भी जाम की चपेट में आ गया। लोगों के समझ में नहीं आ रहा था कि आखिर जाएं तो कहां जाएं। कई लोग यह कहते नजर आए कि यदि इसी तरह जाम लगता रहा तो तीसरी लहर को कोई नहीं रोक सकता।
