बलिया (हि. स.)। अग्निपथ स्कीम के विरोध में भारत बंद का असर नहीं दिखा। शहर से लगायत ग्रामीण इलाकों में पुलिस मुस्तैद रही। यही वजह है कि बवाली छात्र बंद कराने में असफल हो गए।
सेना में भर्ती के लिए लायी गई ”अग्निपथ” स्कीम को लेकर 18 जून को जिले में उपद्रवियों ने काफी उत्पात मचाया था। शहर में तोड़फोड़ करने से लेकर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन की बोगी में आग लगा दी थी। पुलिस ने साढ़े तीन सौ के विरुद्ध तीन अलग-अलग मुकदमे दर्ज कर सवा सौ युवकों को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया तो उसका असर साफ दिखा। एक दिन के उपद्रव के बाद जिले में शांति लौट आयी।
पुलिस की सख्ती के ही असर है कि जिले में भारत बंद भी पूरी तरह बेअसर नजर आया। इसके लिए पुलिस अधीक्षक राजकरण नय्यर और एडीएम राजेश कुमार सिंह मयफोर्स लगातार भ्रमण करते रहे।
पुलिस सबसे अधिक सावधानी रेलवे स्टेशन को लेकर बरत रही थी। हालांकि, कई ट्रेनों के निरस्त होने के कारण स्टेशन पर भीड़भाड़ की स्थिति नहीं थी। बावजूद इसके पुलिस कोई ढील नहीं देना चाहती थी। डाउन में सियालदह एक्सप्रेस, गंगा कावेरी और वाराणसी-छपरा सवारी गाड़ी के निरस्त होने की सूचना पूछताछ केन्द्र के बोर्ड पर दी गई थी। अन्य कई रेलगाड़ियां निरस्त होने से यात्रियों को असुविधा का भी सामना करना पड़ रहा है।
पंकज
