– दुकानों को बंद कराने में मची भगदड़, कई छात्र नेता लिए गए हिरासत में
बलिया (हि.स.)। जिला अस्पताल के सीएमएस को निलंबित करने और डाॅक्टरों की प्राइवेट प्रैक्टिस बंद करने समेत अन्य कई समस्याओं को लेकर छात्र नेताओं ने शुक्रवार को बलिया शहर में ”छात्र कर्फ्यू” लगाया। जगह-जगह दुकानें बंद कराई। बसों को रोका और सीएमएस का पुतला फूंका। छात्रों के कर्फ्यू को असफल करने के लिए शहर के चप्पे-चप्पे पर पुलिस लगाई गई थी।
छात्र कर्फ्यू को सफल बनाने के लिए छात्रों के अलग-अलग समूह सुबह आठ बजे से ही शहर की सड़कों पर उतर गए थे। दुकानों को बंद कराने निकले छात्रों के साथ पुलिस की हल्की-फुल्की झड़पें भी हुईं। पूरे शहर में भारी संख्या में पुलिस के जवान तैनात किए गए थे।
जिला अस्पताल की समस्याओं को लेकर वरिष्ठ छात्रनेता नागेंद्र बहादुर सिंह झुन्नू के नेतृत्व में विभिन्न कालेजों के छात्र नेता कई दिनों से आंदोलित हैं। टीडी काॅलेज चौराहे पर छात्रों का अनशन चल रहा था। मांगों को न माने जाने पर छात्र नेताओं ने 10 सितम्बर को छात्र कर्फ्यू का ऐलान किया था। इसके लिए छात्रों ने पूरे शहर के लिए पहले ही स्ट्रेटजी बना ली थी। छात्रों के अलग-अलग समूहों को अलग-अलग इलाके में बंद कराने की जिम्मेदारी दी गई थी। तय रणनीति के अनुसार छात्रनेता सुबह ही शहर में उतर गए। छात्रनेता दुकानों को बंद कराने के लिए टीडी काॅलेज, कुंवर सिंह चौराहा और मिड्ढी होते हुए छात्र चौक की तरफ पहुंचे।
आर्यसमाज रोड में दुकानें बंद करा रहे छात्र नेताओं को पुलिस ने खदेड़ा। आन्दोल का नेतृत्व कर रहे पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष नागेंद्र सिंह झुन्नू दोपहर करीब एक बजे जैसे ही छात्रनेताओं के साथ नगर भ्रमण निकले तो चित्तू पांडेय रेलवे क्रासिंग के पास पुलिस ने उन्हें रोक दिया। कुछ देर तक पुलिस और छात्र नेताओं में झड़प होती रही। छात्र नेताओं को वहां से लौटना पड़ा। छात्रनेता नागेंद्र सिंह झुन्नू ने कहा कि पुलिस दुकानों को खुलवाने में लगी रही लेकिन छात्र कर्फ्यू पूरी तरह सफल रहा, कहा कि व्यापारी भी उनके साथ हैं।
