बलिया(हि.स.)। दशहरा और दीपावली को निर्विघ्न और सकुशल संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहता। इसके लिए मंगलवार को जिलाधिकारी रविंद्र कुमार और पुलिस अधीक्षक एस आनंद की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में शांति समिति की बैठक हुई, जिसमें डीएम ने निर्देश दिया कि दुर्गा पूजा पंडालों के आसपास बिजली के तार जर्जर न हों।
बैठक में कई आयोजकों ने जिलाधिकारी के समक्ष बिजली से संबंधित समस्या जैसे जर्जर खंभे और लटके तार, मूर्ति स्थापना स्थल और विसर्जन स्थल के मार्गों के गड्ढों को भरने के लिए अनुरोध किया।
इस पर जिलाधिकारी ने बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता और पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता को निर्देशित कर तत्काल व्यवस्था को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने आयोजकों से मूर्ति स्थापना और मूर्ति विसर्जन की टाइमिंग के बारे में पूछा, तो अधिकतर आयोजकों ने बताया कि मूर्ति का पट्ट सप्तमी को खुलता है और दशमी के बाद अपराह्न दो बजे से रात दस बजे तक मूर्ति विसर्जन होता है।
जिलाधिकारी ने आयोजकों से कहा कि मूर्ति स्थापना स्थल पर लोगों के आने और जाने का मार्ग अलग-अलग सुनिश्चित कराना आप लोगों की जिम्मेदारी है। कहा कि जहां पंडाल लगेंगे, वहां पर लटके तार न हों, बिजली के खंभे जर्जर स्थिति में न हों।
जिलाधिकारी ने कहा कि मुख्य नदियों में मूर्ति विसर्जन नहीं होगा। पोखरा, तालाब और जहां भी पर्याप्त मात्रा में पानी हो वहीं पर मूर्ति विसर्जन होगा। इसके लिए कोई भी नई परंपरा की शुरुआत नहीं होगी। जिलाधिकारी ने आयोजकों से श्रद्धा और भक्ति के साथ त्योहार मनाने का आग्रह किया।
पुलिस अधीक्षक एस आनंद ने कहा कि अश्लील गाने बजाने से परहेज करें। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार त्योहारों में डीजे बजाने की मनाही है। उन्होंने कहा कि जुलूस के दौरान या पांडाल में नृत्य न हो तो बढ़िया रहेगा। उन्होंने बड़े पंडाल वाले स्थानों पर सीसी टीवी कैमरे लगाने के लिए भी कहा, जिससे सुरक्षा व्यवस्था और पुख्ता हो सके। उन्होंने चेतावनी दी कि हुड़दंग करने वाले तत्वों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
एन पंकज/दीपक/सियाराम
