बलिया (हि. स.)। जिलाधिकारी इन्द्र विक्रम सिंह के आने के बाद जिले में कोविड वैक्सिनेशन की प्रगति में अचानक तेजी देखने को मिली है। जिला पंद्रह रैंक की छलांग लगाकर 75वें रैंक से 60वें पर पहुंच गया है।
यह प्रगति और महत्ववपूर्ण इसलिए हो जाती है, क्योंकि जिस स्वास्थ्य विभाग की प्रगति को तमाम तेज तर्रार अफसर नहीं सुधार पाए, नवागत डीएम ने सप्ताह में बेहतर करके दिखाया। जिलाधिकारी ने जब कार्यभार ग्रहण किया था तब यहां 10 से 20 हजार तक टीकाकरण रोज होता था, लेकिन आज की तिथि में एक लाख से अधिक टीके रोज लग रहे हैं। व्यवहारिक तौर पर कहा जाए तो यह डांट-फटकार ही नहीं, बल्कि अच्छे कार्य पर दुलार और प्रोत्साहित करने का सकारात्मक परिणाम है। स्वास्थ्य विभाग से मिले 14 जनवरी तक के आंकड़े के अनुसार, 90 प्रतिशत लोगों ने टीके की पहली डोज, 58 प्रतिशत लोग दूसरी डोज ले चुके हैं। वहीं 15-18 वर्ष के 58 प्रतिशत से अधिक किशोरों को अब तक टीका लगाया जा चुका है, जिसमें जनपद की छठवीं रैंक है।
डीएम ने माइक्रोप्लान व लक्ष्य के हिसाब से कराया कार्य
जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने जब यहां ज्वाइन किया तो उस समय टीकाकरण की बेहद खराब प्रगति थी। रैंकिंग के मामले में जिला 75वें स्थान पर था। जिलाधिकारी ने इसको सुधारने की ठानी। उन्होंने चिकित्साधिकारियों के साथ बैठक की। शाहजहांपुर से आए डब्ल्यूएचओ के दो अधिकारियों के माध्यम से माइक्रोप्लान बनवाकर सभी चिकित्साधिकारियों को उसके हिसाब से काम करने के अहम टिप्स दिये। माइक्रोप्लान के हिसाब से प्रतिदिन ब्लॉकवार लक्ष्य देना शुरू किया और उसकी रोज समीक्षा करते रहे। इसका नतीजा अगले दिन से ही देखने को मिलना शुरू हो गया और महज एक हप्ते बाद ही जनपद 75वें से 60वें स्थान पर आ गया।
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