बलिया (हि. स.)। शहर से सटे बसंतपुर में स्थापित जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय को स्थानांतरित करने की चर्चाओं के बाद इस पर विपक्षी दल मुखर हो गए हैं। समाजवादी पार्टी ने विश्वविद्यालय स्थानांतरित करने की कोशिश को जिले की गरिमा के साथ खिलवाड़ करार दिया है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि ऐसी कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
गौरतलब है कि हाल में विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में आईं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने परिसर में हर साल हो रहे जलजमाव के मद्देनजर इसके दूसरे परिसर की आवश्यकता पर जोर दिया था। इस बयान को इस विश्वविद्यालय को कहीं और ले जाने के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, कुलपति कल्पलता पाण्डेय ने स्पष्ट कर दिया है कि इसे कहीं भी स्थानांतरित नहीं किया जा रहा है। बावजूद इसके विपक्षी दल विरोध में बयान दे रहे हैं।सपा के जिला प्रवक्ता व टीडी कालेज के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष सुशील पाण्डेय ‘कान्हजी’ ने कहा कि पिछले दिनों प्रदेश की राज्यपाल ने विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में यह बयान दिया कि इस परिसर में जल जमाव हो जाता है। इसलिए विश्वविद्यालय को स्थानांतरित करना होगा। यह घोर निराशावाद का परिचायक है। सरकार को जल जमाव से बचाव का उपाय करना चाहिए। क्योंकि शहीद स्मारक और विश्वविद्यालय से पूर्व पीएम चंद्रशेखर की यादें जुड़ी हैं। उस स्थान को सजाने और संवारने में चंद्रशेखर ने पसीना बहाया था।कान्ह जी ने कहा कि जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय की सौगात जनपद के लोगों को समाजवादी पार्टी की सरकार ने दिया था। प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव इस विश्वविद्यालय का शुभारम्भ करने स्वयं बलिया आये थे। यह विश्वविद्यालय बलिया की जनांकक्षाओं को दृष्टिगत रखते हुए देश के प्रथम समाजवादी प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की स्मृतियों को अक्षुण्ण बनाये रखने व बलिया में शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाने के लिए स्थापित किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर स्थान व नाम के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ की गयी तो समाजवादी पार्टी इसे बर्दाश्त नहीं करेगी।
बलिया : चन्द्रशेखर विश्वविद्यालय को हटाना बर्दाश्त नहीं : कान्हजी
RELATED ARTICLES
